नियमों की अवहेलना. शहर में पूरे दिन ध्वस्त रही यातायात व्यवस्था
जाम से पूरे दिन आरा शहर जूझता रहा. यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रहा. शहर में कोई यातायात नियम का पालन होता नहीं दिखाई दिया. तीन दिनों की छुट्टी के बाद लोग ऑफिस के लिए निकले, तो मंगलवार को जाम से जूझना पड़ा. सुबह के समय से जाम लगना शुरू हुआ, जो देर शाम तक चला. जाम लगने के कारण मरीजों को लेकर जा रहे एंबुलेंस भी फंसे रहे.
आरा 3 मंगलवार को शहर जाम से जूझता रहा. शहर को जाम से फिलहाल निजात नहीं मिलता दिख रहा है. ट्रैफिक पुलिस कर्मी केवल चौराहे पर खड़े होकर औपचारिकता निभाते रहे थे. एसपी क्षत्रनील सिंह द्वारा दशहरा, दीपावली और छठ को लेकर जाम से निजात दिलाने को लेकर एक प्लान बनाया गया था. जो पर्व और त्योहार समाप्त होने के साथ ही ध्वस्त हो गया. रिक्शा, बाइक और कार सड़क किनारे खड़ी कर दी गयी, जिससे जाम पूरे दिन लगा रहा. सुबह के समय से जाम लगना शुरू हुआ, जो देर शाम तक चला. पुलिस के कर्मी सड़क किनारे खड़े होकर कागज चेक करने में लगे रहे. शहर के दो चार जगहों पर ही ट्रैफिक पुलिस के जवान नजर आये.वो भी पूरी तरह से परेशान दिखे.
चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मी नहीं थे मौजूद : सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े करने के कारण जाम उत्पन्न हो गया. शहर के महाबीर टोला, बिहारी मिल, बाबू बाजार पूर्वी गुमटी पर पूरे दिन जाम लगा रहा. आलम यह था कि एक डेग भी बढ़ना मुश्किल था. चौक- चौराहों पर पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे. सबसे भयावह स्थिति पूर्वी गुमटी की थी, जहां सबसे ज्यादा जाम लगा हुआ था. जिला प्रशासन भी फुटपाथी दुकानदारों के प्रति उदासीन बना हुआ है. शहर में लोग वाहनों को सड़क किनारे खड़े कर अपने कार्य को करने चले जाते हैं.
