दहेज हत्या के दो मामलों में दो को सश्रम कारावास

आरा : दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के दो अलग- अलग मामले में कोर्ट ने मंगलवार को मृतका के पति को सश्रम कारावास की सजा सुनायी. दहेजहत्या के एक मामले में षष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन यादव ने दोषी पाते हुए अगिआंव बाजार थानांतर्गत तार गांव निवासी आरोपित मृतका के पति […]

आरा : दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के दो अलग- अलग मामले में कोर्ट ने मंगलवार को मृतका के पति को सश्रम कारावास की सजा सुनायी. दहेजहत्या के एक मामले में षष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन यादव ने दोषी पाते हुए अगिआंव बाजार थानांतर्गत तार गांव निवासी आरोपित मृतका के पति विनोद कुमार पांडेय को सात वर्षों के सश्रम कैद व अर्थदंड की सजा सुनायी. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रशांत रंजन ने बहस की थी.

उन्होंने बताया कि दहेज के लिए महज 50 हजार रुपये के लिए 21 अक्तूबर, 2004 को जहर देकर कंचन कुमारी की हत्या कर दी गयी थी. घटना को लेकर उसके पति विनोद कुमार पांडेय समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. वहीं दूसरी ओर दहेज त्या के एक मामले में चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके सिंह ने मृतका के पति मुकेश कहार को 10 वर्षों के सश्रम कैद की सजा सुनायी.

अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक ददन प्रसाद श्रीवास्तव ने बहस की थी. उन्होंने बताया कि पीरो (हसन बाजार ओपी) थानांतर्गत बैसाडीह के धनजी कुमार ने अपनी बहन सरिता कुमारी की शादी सिकरहटा थानांतर्गत बसरा गांव निवासी मुकेश कहार के साथ 2011 में की थी. दहेज में मोटरसाइकिल के लिए उसके ससुरालवाले प्रताड़ित करते थे. 27 मई, 2013 को उसके पति समेत अन्य ससुरालवाले ने सरिता को जहर देकर हत्या कर दी थी.

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