वारदात. हत्या करने के बाद शव को बधार में फेंका
चरपोखरी थाना क्षेत्र के काउप गांव की है घटना
बेटी की विदाई करने की चाहत रह गयी अधूरी
आरा/गड़हनी : जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के काउप गांव में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को बधार में फेंक दिया गया. शनिवार की सुबह शौच करने गये लोगों ने जब देखा तो हो- हल्ला किया और स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में करते हुए पोस्टमार्टम के लिए आरा भेज दिया. मृतक की पहचान काउप गांव निवासी राजेश्वर सिंह के पुत्र अजय कुमार सिंह के रूप की गयी. घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया और अफरातफरी का माहौल कायम हो गया. मृतक अजय सिंह हैदराबाद में प्राइवेट सिक्यूरिटी गार्ड का काम करता था.
चार सितंबर को वह गांव आया हुआ था. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम वह अपने गांव के बाजार से मछली खरीदने के बाद अपने छोटे बेटे के हाथ मछली को घर भेजवा दिया और उसके बाद जब वह घर नहीं लौटा तो परिजन खोजबीन में जुट गये, लेकिन कहीं अता- पता नहीं चला. शनिवार की सुबह खेत में शव मिलने के बाद जानकारी मिली. इसके बाद परिजन पहुंचे और पहचान की. रात में ही उसको गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी और शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से बधार में फेंक दिया गया था. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
बेटे की मौत से सदमे में है लालपरी, तो पत्नी को मार गया काठ : अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर अजय की मां लालपरी देवी सदमे में है, वहीं पत्नी सुषमा को काठ मार गया है. बूढ़े पिता का रोते- रोते बुरा हाल है. पूरे परिवार में मातमी सन्नाटा पसर गया है. इस घटना के बाद गांव का माहौल गमगीन हो गया है. सारे लोगों के जुबां पर अजय के लिए दुख भरी आवाज है. आखिर क्यों. लोगों ने अजय की जान ले ली.
चार दिसबंर को होने वाली थी बेटी की शादी
हैदराबाद में प्राइवेट सिक्यूरिटी एजेंसी में काम कर पूरे परिवार का खर्च चलाता था. बेटी की शादी दिसंबर माह में तय हुई थी और दो माह पहले से ही शादी की तैयारियां करने को लेकर छुट्टी लेकर घर आया था. मृतक को दो पुत्रियां और दो पुत्र हैं. बड़ा बेटा अंकित पटना में रहकर पढ़ाई करता है. छोटा बेटा रितिक गांव पर ही रहकर पढ़ाई करता है.
दो पुत्रियां नेहा और निधि है, जिसमें नेहा की शादी होने वाली थी. बड़े धूमधाम से शादी करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
