आरा/उदवंतनगर : आखिर ऐसा क्या हुआ कि सात जनमों तक साथ निभाने का वादा करनेवाले राहुल व रानी ने एक साल में ही अपनी जिंदगी की इहलीला समाप्त कर ली. दोनों के एक साथ मरने के बाद से ही गांव में चर्चाओं का बाजार गरम है. गांववालों को समझ में ही नहीं आ रहा है […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
आरा/उदवंतनगर : आखिर ऐसा क्या हुआ कि सात जनमों तक साथ निभाने का वादा करनेवाले राहुल व रानी ने एक साल में ही अपनी जिंदगी की इहलीला समाप्त कर ली. दोनों के एक साथ मरने के बाद से ही गांव में चर्चाओं का बाजार गरम है. गांववालों को समझ में ही नहीं आ रहा है कि दोनों एक साथ आत्महत्या क्यों की है?
घटना के बाद पूरा परिवार गमजदा है. रानी के मां-बाप को भी समझ में नहीं आ रहा है कि शुक्रवार की शाम उसने मोबाइल पर अच्छी तरीके से बात की और ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने पल भर में इस तरह का कदम उठा लिया. मौत का कारण दोनों की मौत के साथ दफन हो गया. हालांकि इस तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं कि रानी को कोई बच्चा नहीं था. इसको लेकर भी वह डिप्रेशन में रहती थी. राहुल के पिता उमेश पंडित पटना में लोहा फैक्टरी में काम करते हैं. दो माह बाद बेंगलुरु से लौट कर आने के बाद राहुल भी अपने पिता के साथ पटना में ही रहकर काम की शुरुआत करनेवाला था.
दो भाइयों में बड़ा था राहुल : मृतक राहुल दो भाइयों में सबसे बड़ा था. छोटा भाई प्रदुम्न गांव पर ही रह कर पढ़ाई करता था. दोनों भाइयों में अच्छा प्रेम था. भाई की मौत के बाद प्रदुम्न का रोते-रोते बुरा हाल है. वहीं राहुल की मां आशा देवी को काठ मार गया. जैसे मानो कोई सांप सूंघ गया हो. शनिवार की सुबह परिजनों द्वारा मृतक के पिता उमेश पंडित को फोन द्वारा सूचना दी गयी, तो बेटे की मौत की खबर सुनते ही पटना से भागे-भागे अपने गांव बेलाउर पहुंचे. बेटे के शव के साथ लिपट कर रोने लगे. घटना के बाद पूरे परिवार में रोने-चीखने की आवाज से माहौल गमगीन हो गया.
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