लापरवाही इमरजेंसी वार्ड में गरमी व गंदगी की वजह से नहीं हुआ इलाज
आरा : मामला सदर अस्पताल, आरा का
आरा सदर अस्पताल में मानवता को शर्मसार करनेवाली घटना शनिवार की रात सामने आयी. पेट दर्द से छटपटा रहे एक मरीज का सदर अस्पताल के इमरजेंसी गेट सामने जमीन पर लेटा कर इलाज किया गया. इमरजेंसी वार्ड में गरमी व गंदगी की वजह से मरीज को भरती नहीं किया गया. सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था से नाराज परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए प्राइवेट क्लिनिक में भरती कराया.
जानकारी के मुताबिक भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कड़रा बसंतपुर गांव के रहनेवाले प्रवचन गोंड उर्फ टेंगारी गोंड को शनिवार की रात पेट दर्द की शिकायत हुई. परिजनों ने स्थानीय स्तर पर इलाज कराया,
लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ. दर्द की वजह से वह कराह रहा था. आनन-फानन में परिजन इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर गये. अस्पताल में उसे इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड में भरती कराया गया, लेकिन उसमें पंखा बंद था. सफाई नहीं होने की वजह से वार्ड से बदबू आ रही थी. इसके कारण उसकी तबीयत और बिगड़ने लगी.
इसके बाद मरीज को बाहर निकाल कर इमरजेंसी वार्ड के गेट के सामने जमीन पर लेटाया गया, जहां पर उसका इलाज किया गया. सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था से नाराज परिजनों ने उसे बेहतर इलाज के लिए उसे प्राइवेट क्लिनिक में लेकर चले गये. सदर अस्प्ताल की बदहाल स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डॉक्टर जहां बैठते हैं, वहां पर भी पंखा व एसी अक्सर बंद रहता है. इसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है.
मरीज ने कहा, ए ही जा से ले चल ना त असही जान चल जाई: पेट दर्द से तड़प रहा मरीज सदर अस्पताल पहुंचा, तो वहां उसकी हालत और बिगड़ गयी. गरमी व गंदगी से बेहाल मरीज परिजनों पर ही भड़क गया. अपने बड़े भाई राम लड्डू गोंड पर गुस्सा होते हुए मरीज ने कहा कि ए ही जा से ले चल ना त असही जान चल जाई. ए ही जा कवनो व्यवस्था नईखे. इसके बाद मरीज के परिजन उसे लेकर प्राइवेट अस्पताल में चले गये.
लाखों खर्च के बाद भी स्थिति बदहाल
मरीजों की सुविधा के लिए सरकार प्रति माह लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन यहां साफ-सफाई से लेकर अन्य सुविधाओं में सुधार नहीं किया जा रहा है. इसके कारण लोगों को काफी फजीहत झेलनी पड़ती है. बार-बार शिकायत के बाद भी स्थिति बद से बदतर होती जा रही है.
क्या कहते हैं सीएस
इस मामले की जानकारी ली जा रही है. अब तक यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है. मामले की जांच करायी जायेगी. दोषी अधिकारियों व कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी.
डॉ रास बिहारी सिंह, सीएस भोजपुर
