आक्रोश . अतिक्रमण हटाने का अभियान दूसरे दिन भी जारी
आदेश के बाद भी दुकानें नहीं हटाना, पड़ा लोगों को काफी महंगा
बिक्रमगंज : स्थानीय शहर में मुख्य पथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा. इस अभियान में दूसरे दिन भी सड़क के किनारे लगीं दर्जनों दुकानें बलपूर्वक तोड़ दी गयीं. अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन के सभी अधिकारियों के अलावे अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानों के अधिकारियों और पुलिस बल तैनात किये गये थे.
गौरतलब हो कि शहर में आये दिनों हो रहे सड़क जाम की समस्या से परेशान लोगों की शिकायत पर स्थानीय प्रशासन के द्वारा शहर के सभी मुख्य पथों से अतिक्रमण हटाने की योजना बनायी गयी. इसके लिए सभी अतिक्रमणकारियों को सूचना दी गयी तथा उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया, ताकि वे स्वयं अपना अतिक्रमण हटा लें. प्रशासन की सूचना के बाद भी अधिकतर दुकानदारों ने अपनी दुकानें नहीं हटायीं. मजबूरन प्रशासन को बलपूर्वक अतिक्रमण हटाना पड़ा.
इसमें सभी दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. कई गुमटियां टूट गयीं और उसके बांस-बल्ले बेकार हो गये. अतिक्रमण हटाने का कार्य सासाराम रोड में एएस कॉलेज गेट से प्रारंभ किया गया. कार्यपालक पदाधिकारी सुरेश राम ने बताया कि सड़क से 25 फुट के अंदर लगायी गयी सभी दुकानों को हटाया गया है. यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक को शहर की सभी पथ अतिक्रमणमुक्त न हो जाये. इसके बाद सभी मुख्य पथों में बैरिकेडिंग की जायेगी. बैरिकेडिंग के अंदर कोई दुकान नहीं लगायेगा. अगर किसी को बैरिकेडिंग के अंदर दुकान लगाते पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
अतिक्रमण हटाने से कई हुए बेराेजगार
अतिक्रमणमुक्त अभियान में कई फुटपाथी दुकानदार बेरोजगार हो गये. उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. बताया जाता है कि सड़क के किनारे फुटपाथ पर दुकान लगानेवालों में अधिकतर गरीब और कमजोर वर्ग के लोग थे. उसी दुकान से उसके परिवार का भरण-पोषण होता था. दुकान उजड़ जाने के बाद उनके समक्ष परिवार के भरण-पोषण एक गंभीर समस्या बन गयी है. दुकानदारों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है.
अतिक्रमण हटाने में लगा भेदभाव का आरोप
अतिक्रमणमुक्त अभियान के तहत प्रशासन के द्वारा शहर से अतिक्रमण हटाने में लोगों ने भेदभाव करने का आरोप लगाया है. सासाराम रोड के पूर्वी भाग में स्थित सभी दुकानदारों ने आरोप लगाया कि सड़क के पूर्वी भाग में सड़क से 25 फुट के अंदर की सभी दुकानों को हटा दिया गया. जबकि पश्चिमी भाग में इसका अनुपालन नहीं किया गया. पश्चिमी भाग में महज 10 फुट के अंदर लगायी गयी दुकानों को ही हटाया गया है, जो न्याय संगत नहीं है.
