– मायागंज अस्पताल के मेडिसिन विभाग में विश्व अस्थमा दिवस मनाया गया
वरीय संवाददाता, भागलपुर
मायागंज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के मेडिसिन विभाग में मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस मनाया गया. इस अवसर पर आयोजित सेमिनार का विषय था – दमा की बीमारी को लेकर आमलोगों में जागरूकता. कार्यक्रम के समन्वयक टीबी एंड चेस्ट विभाग के एचओडी डॉ शांतनु घोष थे. मुख्य वक्ता पीजी छात्रा रश्मि सोनी ने बच्चों में दमा व अंकित चंद्रा ने दमा के न्यू ट्रीटमेंट गाइडलाइन पर प्रजेंटेशन दिया. वहीं मुख्य अतिथि डॉ डीपी सिंह ने सांस की गंभीर बीमारी सीओपीडी के इलाज व वर्तमान परिदृश्य पर अपनी बात रखी. वक्ताओं ने कहा कि दमा के संदिग्ध मरीजों की पहले पूरी तरह से जांच करनी होगी. अस्थमा की मुख्य दवा इन्हेलर है. मरीजों को इन्हेलर लेने में परेशानी होती है. इन्हेलर लेने के ठीक तरीके से जानकारी देनी होगी. ऐसे केस में महज एक प्रतिशत मरीज ठीक हो पाते हैं. वक्ताओं ने कहा कि सांस फूलने की परेशानी वाले हर मरीज को अस्थमा नहीं हो सकता है. कई मरीजों में सीओपीडी की शिकायत रहती है. यह बीमारी मुख्यत: सिगरेट पीने से होती है. वक्ताओं ने कहा कि बच्चों में एलर्जी के कारण यह होता है. वहीं प्रदूषण स्तर बढ़ने से भी यह शिकायत बढ़ रही है. बीमार व्यक्ति के साथ रहने से कम इम्यूनिटी वाले लोगों को दमा हो सकता है. दमा होने का एक कारण जेनेटिक भी है. घर में साफ सफाई नहीं रहना भी एक कारण है. सेमिनार में चेयरपर्सन डॉ अबिलेश कुमार, डॉ भारत भूषण, डॉ राजकमल चौधरी, डॉ केके सिन्हा, पैनेलिस्ट डॉ हेमशंकर शर्मा, डॉ अशोक सिंह, डॉ उमर फारुक समेत अन्य वरीय चिकित्सक थे. विभाग के मेडिकल ऑफिसर डॉ अजय कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
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