Bhagalpur news रूठे पति के शादी करने की सूचना पर यूपी से नवगछिया पहुंची महिला

सोशल साइट पर प्यार और फिर तथाकथित शादी के बाद जब दो बच्चों की मांग यूपी निवासी महिला को पता चला कि युवक दूसरी ने दूसरी शादी कर ली है तो वह उससे मिलने नवगछिया के तेतरी पहुंच गयी

सोशल साइट पर प्यार और फिर तथाकथित शादी के बाद जब दो बच्चों की मांग यूपी निवासी महिला को पता चला कि युवक दूसरी ने दूसरी शादी कर ली है तो वह उससे मिलने नवगछिया के तेतरी पहुंच गयीं. बताया गया कि गाजियाबाद की महिला बिंदिया कुमारी शादीशुदा प्रेमी मो मेराज अली के साथ रहने के लिए अपना घर-परिवार छोड़ यूपी से नवगछिया के तेतरी गांव शनिवार को आ गयी. लड़के के परिजनों ने महिला को समझा-बुझाकर गाजियाबाद जाने के लिए कहा. महिला नवगछिया स्टेशन पहुंची. वहां मेराज के साथ एक होटल में रुकी. मामले की जानकारी नवगछिया महिला थाना की पुलिस को लड़के के परिजनों ने दी. पुलिस उक्त होटल पहुंची और महिला को महिला थाना लेकर आयी.

मेराज से शादी के कारण पहले पति ने बिंदिया को छोड़ दिया हैमहिला का आरोप है कि जब मेराज ने बिंदिया को फेसबुक पर दोस्त बनाया, उस वक्त वो शादीशुदा थी और उसे दो बच्चे भी थे. करीब दो साल बिंदिया से मेराज ने शादी भी की. जिसके कारण बिंदिया के पति अमित ने उसको छोड़ दिया और बिंदिया मेराज के साथ रहने लगी. कुछ दिन दिल्ली और कुछ दिन चंडीगढ़ तो कुछ दिन अपने घर तेतरी में भी रखा था. पीड़ित महिला नवगछिया महिला थाना में आवेदन दी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

वहीं मो मेराज अली ने बताया कि सब ठीक चल रहा था, आठ महीने से बिंदिया ने बात करना बंद कर दिया. फिर मैंने कहा कि मेरी शादी होने वाली है तो इसने कहा कि तुम मर जाओ, कट जाओ मुझे फर्क नहीं पड़ता. जिसके बाद मैंने तीन महीने पहले शादी कर ली. जब इसे शादी की बात पता चला, तो ये मेरे घर पहुंच गयी है.

घायल काली पतंग पक्षी को वनरक्षी के हवाले किया

नवगछिया नगर परिषद कार्यालय के समीप दो-तीन दिनों से घायल पड़े एक काली पतंग पक्षी (ब्लैक काईट ईगल) को एक साहसी युवक ने पकड़ कर विधायक नगर प्रतिनिधि डॉ अरुण कुमार माध्यम से सोमवार की देर शाम वन रक्षी अमन कुमार के हवाले कर दिया. विधायक नगर प्रतिनिधि डॉ अरुण कुमार ने बताया कि उक्त पक्षी घायल अवस्था में दो-तीन दिनों से गिरा था. हरिओम नामक युवक ने देखा, तो उसकी मदद की और उसे हल्का भोजन कराया और उपचार कराया. उसने मुझे जानकारी दी, तो वन विभाग के अधिकारी को मैंने सूचना दी.सूचना पर तत्काल पहुंचे वन रक्षी अमन कुमार पहुंचे और उक्त घायल पक्षी को ले गये.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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