bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

उपविकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने बुधवार को सबौर प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण किया

उपविकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने बुधवार को सबौर प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण किया. इस क्रम में सभी अधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया. विभिन्न अभिलेख पंजी एवं रजिस्टर अभिलेख व्यवस्थित एवं अध्ययन स्थिति में संधारित पाया गया. प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभात रंजन, प्रखंड कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार पाल, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी निलेश कुमार, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी एवं कनीय अभियंता कार्यरत पाए गये. निरीक्षण के दौरान वित्त आयोग से संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी. विभिन्न पंचायत में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन बही की स्थिति एवं गुणवत्ता का आकलन किया गया तथा आवश्यक निर्देश दिये गये. साथ ही तकनीकी कार्यों के सुचारू निष्पादन के लिये संसाधनों के कारण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन और प्रभावी ढंग से किया जा सके. इसके अतिरिक्त प्रखंड में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. साथ ही बाल विकास परियोजना कार्यालय, व्यापार मंडल, आरटीपीएस कार्यालय एवं मनरेगा कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया. प्रखंड क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का भी निरीक्षण उप विकास आयुक्त के द्वारा किया गया. इस दौरान सभी नामांकित छात्राएं उपस्थित पाईं गईं तथा उनसे संवाद स्थापित कर उनकी शैक्षिक एवं दैनिक गतिविधियों की जानकारी ली गई. छात्राओं द्वारा खेल सामग्री की आवश्यकता व्यक्त की गई तथा विद्यालय परिसर में चहारदीवारी नहीं होने से होने वाली समस्याओं से अवगत कराया. इस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी भागलपुर को निर्देशित किया गया कि वह प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र उपलब्ध करवाये, ताकि आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. भागलपुर में विकसित होंगी राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, धोनी और ईशान किशन की राह पर निकलेंगे नये सितारे

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

bhagalpur news. किराये के कमरे में युवती ने दुपट्टे से फंदा लगा कर की आत्महत्या

यह भी पढ़ें >