मानिक सरकार घाट से नदी पार जाने के लिए नदी पार के ग्रामीणों द्वारा नदी पर बनाये गये पुलिया को मंगलवार को जेसीबी से हटाने गयी भारत अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की टीम व ग्रामीणों के बीच बहस हो गयी. ग्रामीणों के हंगामा के बाद काम बंद हो गया था. बुधवार को मामले काे लेकर सदर एसडीओ विकास कुमार, नाथनगर विधायक मिथुन यादव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को देखा. उस समय निरीक्षण के दौरान जलमार्ग प्राधिकरण के भागलपुर शाखा के पदाधिकारी आरके सोलंकी सहित प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मी भी थे. उस समय काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों भी पहुंचे थे. इस दौरान शंकरपुर पंचायत के मुखिया अशोक मंडल ने प्रशासन को बताया कि यह पुलिया करीब एक दर्जन गांवों के लिए मुख्य आवागमन का साधन है. कहा कि वर्षों से इसी रास्ते से किसान अपनी खेती-किसानी का काम करते आ रहे हैं. हमलोग चाहते हैं यह रास्ता टूटे नहीं.
सदर एसडीओ विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि गंगा नदी को शहर के नजदीक लाने की योजना पर काम चल रहा है. इस प्रक्रिया में नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को हटाये जाने की जरूरत है. प्रशासन पहले इसके सामाजिक प्रभाव (सोशल इंपैक्ट) का विस्तृत आकलन करेगा, उसके बाद ही आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी.मामले में जलमार्ग प्राधिकरण के भागलपुर शाखा के पदाधिकारी आरके सोलंकी सहित अन्य अधिकारियों ने भी जिला प्रशासन को आवेदन सौंपा है. फिलहाल प्रशासनिक जांच के बाद ही पुलिया के भविष्य पर अंतिम निर्णय लेने की संभावना है. वहीं नाथनगर विधायक मिथुन यादव ने कहा कि जो पुल पहले से बना हुआ है, वह रहेगा.
