गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार गिरावट, सभी 4 तटबंध सुरक्षित; संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी जारी

गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में शुक्रवार को लगातार कमी दर्ज की गई है. इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर जैसे प्रमुख स्थलों पर जलस्तर गिरा है. जल संसाधन विभाग ने सभी तटबंधों को सुरक्षित बताया है, जबकि संवेदनशील बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में शुक्रवार को लगातार कमी दर्ज की गई है. इस्माईलपुर-बिंदटोली, राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर—इन चारों प्रमुख स्थलों पर पिछले 24 घंटों में जलस्तर गिरा है. जल संसाधन विभाग के अनुसार सभी प्रमुख तटबंध पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में हैं, हालांकि कुछ स्थानों पर नदी का पानी तटबंध के 'टो' (निचले हिस्से) को छू रहा है, जिसको लेकर संवेदनशील बिंदुओं पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है.

गंगा नदी: इस्माईलपुर-बिंदटोली और राघोपुर का हाल

गंगा नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है:

  • इस्माईलपुर-बिंदटोली (स्पर संख्या-7): सुबह 6:00 बजे गंगा का जलस्तर 30.57 मीटर दर्ज किया गया, जो 24 घंटे में 6 सेंटीमीटर कम है. यह जलस्तर चेतावनी स्तर (30.60 मीटर) से 3 सेंटीमीटर नीचे आ गया है. तटबंध सुरक्षित है, हालांकि पानी तटबंध के टो को छू रहा है.
  • राघोपुर (काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध): यहां गंगा का जलस्तर 31.53 मीटर दर्ज हुआ, जो 24 घंटे में 7 सेंटीमीटर घटा है. यह चेतावनी स्तर (32.68 मीटर) से 1.15 मीटर नीचे है. यहां भी पानी तटबंध के टो से सटकर बह रहा है.

कोसी नदी: मदरौनी और जेबी चोरहर की स्थिति

कोसी नदी के बहाव क्षेत्र में भी जलस्तर का रुख नीचे की ओर है:

  • मदरौनी: कोसी का जलस्तर 30.16 मीटर रहा, जिसमें 24 घंटे के भीतर 3 सेंटीमीटर की कमी आई है. यह चेतावनी स्तर (30.48 मीटर) से 32 सेंटीमीटर नीचे है. यहां पानी तटबंध के टो से दूर है और स्थिति सामान्य है.
  • जेबी चोरहर (बागजान जमींदारी बांध): यहां जलस्तर 30.80 मीटर दर्ज किया गया (24 घंटे में 5 सेमी की कमी). यह स्तर चेतावनी निशान (30.77 मीटर) से महज 3 सेंटीमीटर ऊपर है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, हालांकि कुछ बिंदुओं पर पानी टो को छू रहा है.

जल संसाधन विभाग रख रहा पल-पल की नजर

चारों स्थलों के आधिकारिक आंकड़ों से स्पष्ट है कि गंगा और कोसी नदियों में जलस्तर घटने का रुझान जारी है.

जल संसाधन विभाग के अभियंता और तकनीकी टीम तटबंधों, स्परों और संवेदनशील स्लोप पर लगातार गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित कटाव या खतरे से तुरंत निपटा जा सके.


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By Vipin Thakur

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