पुलिस लाइन के कांस्टेबल क्वार्टर में मौत मामले में आया विसरा रिपोर्ट

पुलिस लाइन के कांस्टेबल क्वार्टर में मौत मामले में आया विसरा रिपोर्ट

भागलपुर पुलिस केंद्र में कुछ माह पूर्व ही जिला बल की महिला कांस्टेबल नीतू सहित उसके दो बच्चों और सास की हत्या करने के बाद पति ने फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी थी. उक्त मामले में एफएसएल ने इशाकचक पुलिस सहित न्यायालय को मृतकाें का विसरा रिपोर्ट सौंप दिया है. मिली जानकारी के अनुसार विसरा रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में भेजा गया है. जिसके अवलोकन के लिए उसे पहले सीनियर एसपी को भेजा गया है. सीनियर एसपी के द्वारा सील काट कर रिपोर्ट देखी जायेगी. इसके बाद उसे थाना को सुपुर्द किया जायेगा. पीएम रैली को लेकर पुलिस कर रही निरोधात्मक तैयारी भागलपुर में इसी फरवरी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आयोजित कार्यक्रम को लेकर भागलपुर पुलिस की ओर से तैयारी शुरू कर दी गयी है. मिली जानकारी के अनुसार तिलकामांझी पुलिस हवाई अड्डा से सटे मोहल्ले में लोगों के घरों में जाकर उनका सत्यापन कर रही है. उनके घरों में रहने वाले रेंटरों के भी नाम-पता आदि का सत्यापन किया जा रहा है. दहेज प्रताड़ना मामले को लेकर एसएसपी से गुहार भागलपुर स्थित लोदीपुर के लालूचक अंगारी की रहने वाली लवली ने मंगलवार को एसपी सिटी से मिल कर उनके द्वारा किये गये दहेज प्रताड़ना के मामले में कार्रवाई नहीं किये जाने का आरोप लगाया है. मामले में उन्होंने बताया कि मामले में पूर्व में दर्ज कराये गये केस में उनकी गवाही चल रही है. इसके बावजूद उसके पुलिस में कार्यरत पति उन्हें कभी बच्चों का अपहरण करने तो कभी उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. इस बात की शिकायत लेकर थाना जाने पर पुलिस की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है. इधर कन्हैया खंडेलवाल ने भागलपुर आइजी से मिल कर न्याय की गुहार लगायी है. कन्हैया ने बताया कि वह मीडिया से संबंधित व्यक्ति है. उसके खाते में किसी ने फंसाने के उद्देश्य से एक लाख रुपये भेज दिया था. और इसका फायदा उठा कुछ भू-माफिया उसकी जमीन पर कब्जा करना चाह रहे हैं. उन्होंने उनके खाते में आयी राशि को बिहार पुलिस रिलीफ फंदे में लेने और शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार के उत्थान में इस्तेमाल किये जाने की गुहार लगायी है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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