भागलपुर : गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के रंगरा प्रखंड स्थित उसरहिया गांव के करीब 250 घरों के ग्रामीण आजादी के दशकों बाद भी पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं. गांव में सड़क नहीं होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बरसात के दिनों में कीचड़ और जलजमाव के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है.
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के मुखिया, स्थानीय विधायक और सांसद से कई बार सड़क निर्माण की मांग की गयी, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ. जनप्रतिनिधियों से उम्मीद टूटने के बाद ग्रामीणों ने खुद ही सड़क बनाने का बीड़ा उठाया है. ग्रामीण आपस में चंदा जुटाकर ट्रैक्टर से मिट्टी मंगवा रहे हैं और सड़क की भराई कर आवागमन बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं.
प्रसव पीड़ा में दो किलोमीटर पैदल चलने की मजबूरी
सड़क नहीं होने का सबसे अधिक खामियाजा गर्भवती महिलाओं और मरीजों को उठाना पड़ता है. ग्रामीणों के अनुसार, प्रसव पीड़ा होने पर महिलाओं को करीब दो किलोमीटर तक पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है. बरसात में रास्ते पर कीचड़ और पानी जमा रहने के कारण यह दूरी तय करना और भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में समय पर अस्पताल पहुंचना चुनौती बन जाता है.
शादी-विवाह में भी होती है परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की समस्या केवल रोजमर्रा के आवागमन तक सीमित नहीं है. गांव में शादी-विवाह के दौरान रिश्तेदारों और बारातियों को भी काफी परेशानी होती है. बरसात के दिनों में कई बार वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी उन्हें अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा है.
पक्की सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गांव में जल्द स्थायी सड़क निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि चंदा जुटाकर मिट्टी डालने से फिलहाल किसी तरह आवागमन जारी किया जा रहा है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है. गांव के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए पक्की सड़क की जरूरत है.
