ललित व ऋषभ
भागलपुर विक्रमशिला सेतु के पोल नंबर 133 के पास बड़ा गैप बनने के बाद चार और पांच नंबर पिलर के बीच का स्लैब गंगा में समा गया. यह घटना रात करीब 12.55 बजे के बाद की बतायी जा रही है. हालांकि एक्सपेंशन ज्वाइंट में गैप की सूचना 11 बजे के आसपास प्रशासन को किसी ने वाहन चालक ने फोन से दी थी. अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.जानकारी के अनुसार रविवार देर रात भागलपुर की ओर से नवगछिया जाने वाली पोल नंबर 133 के पास पिलर संख्या चार और पांच के बीच शाम से ही गैप बढ़ता गया और रात 11 बजे के बाद वह स्पष्ट दिखा. इसके बाद रात 12.55 में पूरा भाग गंगा में समा गया. दोनों ओर का संपर्क कट गया है. पुलिस की तैनाती कर दी गयी है. दोनों ओर से वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. रात दो बजे के आसपास डीएम व एसएसपी के साथ ही अन्य वरीय अधिकारियों ने पुल का जायजा लिया. पुल निर्माण निगम के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में लगे गये. जितनी बड़ी गाड़ियां आ रही हैं, दोनों ओर से उन्हें वापस लौटाया जा रहा है. मालूम हो कि आठ साल से इस पुल की मरम्मत नहीं हुई थी. प्रोटेक्शन वॉल क्षतिग्रस्त होने से सेतु के मुख्य ढांचे को नुकसान पहुंचने की तभी आशंका बढ़ गयी थी.
जिस भाग में ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ है, वहां पर एसडीओ ट्रैफिक डीएसपी सहित पुलिस बल के काफी संख्या में जवान पहुंच चुके हैं. एसडीओ ने कहा कि कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहेगी. उन्होंने अपील की है कि अफवाहों से बचें और वैकल्पिक मार्ग से आवागमन करें. अधिकारियों ने कहा कि सोमवार से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदल जायेगी. ……………………………..-विक्रमशिला का पाेल नंबर 133 के पास स्लैब टूट गया है, इसलिए विक्रमशिला पुल पर आवागमन बंद है. सोमवार से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदल जायेगी.-प्रमोद कुमार यादव, एसएसपी, भागलपुर.
जिलाधिकारी ने कहा कि रात्रि के 12.50 में पिलर नंबर 133 के पास एक बड़ा गैप बन गया. ट्रैफिक पुलिस की सूझ बूझ से हमलोगों ने पुल को खाली करवा दिया. कुछ देर बाद ही पुल का एक बड़ा स्लैब टूट गया. दोनों तरफ से सेतु को सील कर दिया गया है. अब यात्री या मालवाहक ट्रक भाया मुंगेर यात्रा कर सकते हैं. सुबह हमलोग कोई और वैकल्पिक मार्ग की तलाश करेंगे. घटना में किसी कोई हताहत नहीं हुआ है.-डॉ नवल किशोर चौधरी, डीएम-विक्रमशिला सेतु की लंबाई 4.7 किमी है-भागलपुर के बरारी (दक्षिण तट) को नवगछिया (उत्तर तट) से जोड़ता है.
-15 नवंबर 1990 को आधारशिला रखने के बाद, यूपी ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन द्वारा निर्मित यह -पुल लगभग 10 वर्षों में बनकर 2001 में चालू हुआ.-उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था.
-यह एनएच-33 और एच-31 को जोड़ता है-2017 में 16 करोड़ रुपये की लागत से इसका जीर्णोद्धार किया गया था.-मार्च 2026: पिलर नंबर 17, 18 व 19 की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हुई-पिलर संख्या 128, 148, 141, 125, 121, 113 के बीच के एक्सपेंशन जॉइंट में 4 से 5 इंच तक गैप बढ़ता रहा है. इससे कंपन व दरारों की खबरें सामने आती रही हैं.
