Bhagalpur news उपकारा में बंदियों को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए दिया प्रशिक्षण

नवगछिया उपकारा में बंदियों को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का शनिवार को समापन हो गया

नवगछिया उपकारा में बंदियों को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का शनिवार को समापन हो गया. उपकारा नवगछिया में यूको आरसेटी भागलपुर की ओर से सामान्य उद्यमिता विकास के तहत प्रशिक्षण 23 से 28 दिसंबर तक दिया गया. सीए प्रदीप कुमार झुनझुनवाला ने बंदियों को बुक किपिंग व एकांउट के बारे में विस्तार से समझाया. इडीपी प्रशिक्षक देवोजीत मुखर्जी व सिद्धार्थ ने समय प्रबंधन, बिजनेस मेनेजमेंट का पाठ पढ़ाया. उद्यम अचीवमेंट, मोटिवेशन, समय प्रबंधन, बैकिंग सेवा, ग्राहक सेवा केंद्र, मुद्रा ऋण योजना एवं अन्य विषयों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी. बताया गया कि जेल से रिहाई के पश्चात आप लोग समाज के मुख्यधार में जुड़ने में परेशानी होगी. यह प्रशिक्षण पाकर आप आत्मनिर्भर बन जाये. रिहाई के पश्चात स्वयं स्वरोजगार से समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकते हैं. प्रशिक्षकों ने बंदियों को छोटे व्यवसाय शुरू करने, उद्यमिता के मूल सिद्धांतों, विपणन, वित्तीय प्रबंधन और ग्राहक सेवा से जुड़ी जानकारी प्रदान की. कार्यक्रम में भाग लेने वाले बंदियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि यह उनके जीवन को नयी दिशा देने में सहायक होगा. समापन समारोह में अधिकारियों ने बंदियों को प्रोत्साहित किया और उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान किया. प्रशिक्षण समाप्ति के पश्चात् कारा के प्रभारी उपाधीक्षक कृष्ण कुमार रजक, सहायक अधीक्षक चंदन कुमार की उपस्थिति में उक्त संस्थान के कुल 29 बंदी को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किया गया.

अकबरनगर में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण का रास्ता साफ, मिली जमीन

अकबरनगर. नपं अकबरनगर में स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गयी है. स्वास्थ्य उपकेंद्र के भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया. कई वर्षों से जमीन की तलाश की जा रही थी. जमीन के अभाव में भवन का निर्माण अटका पड़ा था. दो से अधिक बार फंड आवंटित किया गया था, जो राशि लौट गयी थी. नपं सरकार के कार्यकाल का दो वर्ष पूर्ण होने के बाद जमीन उपलब्ध करायी गयी है. नपं अध्यक्ष प्रतिनिधि अंजीत कुमार ने बताया कि काफी प्रयास के बाद जमीन उपलब्ध करायी गयी है. नपं क्षेत्र में कोई अस्पताल नहीं रहने से स्वास्थ्य संबंधित परेशानी होने पर नपं के लोगोंं को बहुत परेशानी होती है. इलाज के लिए 10 किलोमीटर दूर सुलतानगंज रेफरल अस्पताल जाना पड़ता है.

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