Bhagalpur News: तीन नये कानूनों के लिए थानाध्यक्षों और डीएसपी को हाइब्रिड मोड में दिया प्रशिक्षण

व्यवहार न्यायालय में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारियों की हुई बैठक

– एक जुलाई से लागू हो रहे तीन नये कानूनों के लिए पूरी तरह से तैयार है पुलिस प्रशासन- व्यवहार न्यायालय में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारियों की हुई बैठक

व्यवहार न्यायालय भागलपुर के प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भागलपुर हंबीर सिंह बघेल की अध्यक्षता में शनिवार को व्यवहार न्यायालय में एक जुलाई से लागू होने वाले तीन नये कानून संहिता भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को लेकर बैठक की गयी. बैठक में पुलिस पदाधिकारियों के प्रशिक्षण पर चर्चा की गयी. बताया गया कि सभी थानाध्यक्ष व डीएसपी को हाइब्रिड मोड में प्रशिक्षण दिया गया है. कुल मिलाकर अब तक 650 प्रशिक्षण दिया जा चुका है. सभी थाना को कंप्यूटर से लैस किया जा रहा है, ईमेल को अपडेट किया जा रहा है. फोरेंसिक लैब, फिंगरप्रिंट एवं साइबर लैब सिस्टम को दुरुस्त किया जा रहा है.

बारी-बारी से दिया जायेगा सभी स्तर पर प्रशिक्षण

मालूम हो कि तीनों नए कानून संहिता एक जुलाई 2024 से देश में लागू हो जाएगा. जिसमें डिजिटल एविडेंस पर ज्यादा जोर दिया गया है, अपराधियों को सजा देने से ज्यादा न्याय देने पर जोर दिया गया है. बैठक में निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी सेविका, एएनएम, आशा कार्यकर्ता सभी बीडीओ, सीओ, त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था और नगर निकाय के सभी जनप्रतिनिधियों को बारी-बारी से इस कानून की जानकारी से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा. बैठक में फोरेंसिक लेबोरेटरी, फिंगरप्रिंट, साइबर लैब को अद्यतन करने की भी समीक्षा की गयी. साइबर क्राइम पर रोक लगाने हेतु एक थाना बनाया गया है, एक पुलिस उपाधीक्षक नियुक्त किए गए हैं.

बैठक में सभी वरीय अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. फिरोज अकरम, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार भागलपुर उदय प्रताप, वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार, उप विकास आयुक्त कुमार अनुराग, नगर पुलिस अधीक्षक मिस्टर राज, जिला विधि शाखा के प्रभारी पदाधिकारी कृष्ण मुरारी, अधीक्षक जेएलएनएमसीएच, डीएसपी मुख्यालय, डीएसपी नवगछिया, सेंट्रल जेल और शहीद जुब्बा सहनी सेंट्रल जेल के अधीक्षक एवं जेलर, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला अभियोजन पदाधिकारी, पीपी, सभी स्पेशल पीपी और संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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