मुख्य बातें:
भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट
TNB Collegiate Ground Park: भागलपुर के ऐतिहासिक टीएनबी कॉलेजिएट स्कूल मैदान में पार्क निर्माण की प्रशासनिक योजना का स्थानीय स्तर पर तीखा विरोध शुरू हो गया है. वार्ड संख्या 19 में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत प्रस्तावित इस पार्क के निर्माण को रोकने के लिए स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और बच्चे एकजुट होकर गोलबंद होने लगे हैं. लोगों का आरोप है कि शहर में पहले से ही खेल के मैदानों की भारी कमी है, ऐसे में एकमात्र बचे हुए खुले मैदान को पार्क में तब्दील करने से बच्चों का भविष्य और उनका खेलकूद बुरी तरह प्रभावित होगा.
खेल मैदान संरक्षण समिति के बैनर तले आक्रोश, बैठक में उठी मांग
पार्क निर्माण के विरोध को रणनीतिक रूप देने के लिए स्थानीय नागरिकों ने एक विशेष समिति का गठन किया है, जिसके तहत मैदान परिसर में ही एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई:
- एकमात्र खुला मैदान: ‘स्थानीय नागरिक एवं खेल मैदान संरक्षण समिति, भागलपुर’ के बैनर तले आयोजित इस बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह मैदान आसपास के कई मोहल्लों के बच्चों के खेलने, सुबह की दौड़ और विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए एकमात्र सहारा है.
- नीतियों पर विरोधाभास: प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए ‘खेलेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ जैसे नारे देती है, वहीं दूसरी ओर युवाओं के खेलने के अधिकारों को सीमित कर खेल मैदानों को कंक्रीट या सुंदरीकरण के नाम पर छोटा किया जा रहा है.
समिति ने नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस ऐतिहासिक मैदान को बच्चों के खेल के लिए मूल स्वरूप में ही सुरक्षित (यथावत) रखा जाए और पार्क निर्माण के लिए शहर के किसी अन्य अनुपयोगी या उपयुक्त भूखंड का चयन किया जाए.
TNB Collegiate Ground Park: विरोध प्रदर्शन में स्थानीय नागरिकों के साथ बच्चों ने भी भरी हुंकार
इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह रही कि सुबह और शाम को इस मैदान में पसीना बहाने वाले छोटे-छोटे बच्चे और धावक भी वयस्कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए.
उपस्थित नागरिकों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि खेलकूद बच्चों के सर्वांगीण विकास का मौलिक आधार है. इस मैदान को बचाना हमारी आने वाली पीढ़ियों के हित में बेहद जरूरी है. यदि नगर निगम ने जबरन पार्क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की, तो स्थानीय जनता उग्र आंदोलन और चरणबद्ध प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी.
इस विरोध कार्यक्रम और बैठक में मुख्य रूप से गिरीश चंद्र झा, राकेश कुमार ओझा, हरबिंद भारती, फूल ठाकुर, रतन सिंह, रमंजय साह, स्वीटी सिंह, अनूप कुमार, डंपी सिंह, धीरज राम, अमित सिंह, विकास सिंह, सुमित रजक सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिक, खेल प्रेमी और प्रतिदिन अभ्यास करने वाले स्थानीय बच्चे उपस्थित थे.
