टीएमबीयू में वेतन कटौती पर जांच कमेटी की बड़ी अनुशंसा, अंडरटेकिंग लेकर पुराने वेतन से भुगतान की तैयारी

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में कर्मचारियों के वेतन कटौती के मामले में जांच कमेटी ने अहम अनुशंसा की है. कर्मचारियों का पक्ष सुने बिना हुई कार्रवाई पर कमेटी ने चिंता जताई है. अब अंडरटेकिंग लेकर पुराने वेतन से भुगतान की सिफारिश की गई है.

TMBU Salary Cut: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में कर्मचारियों के वेतन में कटौती का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. वेतन कटौती को लेकर गठित जांच कमेटी ने अपनी दूसरी बैठक में कर्मचारियों के हित में अहम अनुशंसा की है. कमेटी का मानना है कि जिन कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गयी है, पहले उनका पक्ष जाना जाना चाहिए था. अब संबंधित कर्मचारियों से लिखित रूप में पूछा जायेगा कि उनका वेतन क्यों नहीं काटा जाना चाहिए.

सोमवार को विवि गेस्ट हाउस में जांच कमेटी की दूसरी बैठक हुई. करीब दो घंटे चली बैठक में पहली बैठक में दिये गये निर्देशों के आधार पर संबंधित शाखा के कर्मचारियों और अधिकारियों से जानकारी ली गयी. इस दौरान वेतन कटौती से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर बारीकी से चर्चा की गयी और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया पर मंथन किया गया.

वेतन कटौती से पहले पक्ष नहीं लेने पर कमेटी नाराज

जांच कमेटी के एक सदस्य के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन को कर्मचारियों का वेतन काटने से पहले उनका पक्ष लेना चाहिए था. कर्मचारियों को यह बताने का अवसर मिलना चाहिए था कि किन परिस्थितियों में उनका वेतन नहीं काटा जाना चाहिए. कमेटी के अनुसार, इस प्रक्रिया का पालन किये बिना जल्दबाजी में कार्रवाई कर दी गयी.

बैठक में कमेटी के कुछ सदस्यों ने इसी बात पर नाराजगी जतायी. कमेटी इस तरह बिना पक्ष जाने की गयी कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ मान रही है. अब कर्मचारियों से लिखित जवाब लेने की अनुशंसा की गयी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वेतन कटौती के मामले में उनका पक्ष क्या है.

इस प्रक्रिया के बाद कर्मचारियों से प्राप्त आवेदन और जवाब को आगे की कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय के सिंडिकेट के सामने रखने की बात कही गयी है.

बाढ़ के कारण दस्तावेज जुटाने में हुई परेशानी

वेतन कटौती के मामले की पहली बैठक में जांच कमेटी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित दस्तावेज मांगे थे. कमेटी इन दस्तावेजों के आधार पर यह देखना चाहती थी कि आखिर किन आधारों और नियमों के तहत कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गयी.

हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से कमेटी को बताया गया कि प्रशासनिक भवन में बाढ़ आने के कारण दस्तावेज उपलब्ध कराने और संबंधित रिकॉर्ड देखने में परेशानी हो रही है. इसी वजह से कमेटी ने फिलहाल कर्मचारियों का पक्ष जानने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुशंसा की है.

अंडरटेकिंग लेकर पुराने वेतन से भुगतान की अनुशंसा

जांच कमेटी ने केवल कर्मचारियों का पक्ष लेने की बात नहीं कही है, बल्कि पुराने वेतन के आधार पर भुगतान को लेकर भी महत्वपूर्ण अनुशंसा की है. कमेटी ने कहा है कि कर्मचारियों से अंडरटेकिंग लेकर उन्हें पुराने वेतन के आधार पर भुगतान किया जाये.

इसका मतलब यह है कि जब तक मामले पर उच्च स्तर से कोई अंतिम दिशा-निर्देश नहीं आता, तब तक कर्मचारियों को पुराने वेतन के आधार पर भुगतान करने की व्यवस्था रखी जाये. कर्मचारियों से प्राप्त आवेदन और अंडरटेकिंग को विश्वविद्यालय के सिंडिकेट में रखा जायेगा.

इसके बाद सिंडिकेट के माध्यम से पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को भेजकर दिशा-निर्देश मांगे जाने की अनुशंसा की गयी है.

TMBU Salary Cut: मुख्यालय के निर्देश तक पुराने वेतन का प्रस्ताव

कमेटी की अनुशंसा के मुताबिक, मामले में अंतिम निर्णय आने तक कर्मचारियों के वेतन को लेकर स्थिति में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए. जब तक मुख्यालय या उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आ जाता, तब तक कर्मचारियों को पुराने वेतन के आधार पर भुगतान किये जाने की बात कही गयी है.

अब कर्मचारियों के लिखित जवाब, उनके आवेदन और अंडरटेकिंग के बाद मामला सिंडिकेट के सामने जाने की संभावना है. इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से पूरे प्रकरण को उच्च शिक्षा विभाग के समक्ष भेजा जायेगा. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उच्च शिक्षा विभाग इस मामले में क्या दिशा-निर्देश देता है और कर्मचारियों के वेतन कटौती पर अंतिम फैसला किस आधार पर होता है.

फिलहाल जांच कमेटी की दूसरी बैठक के बाद कर्मचारियों के लिए राहत की उम्मीद बनी है. हालांकि अंतिम स्थिति सिंडिकेट और उच्च शिक्षा विभाग के स्तर से होने वाली आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी.

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लेखक के बारे में

By आरफीन जुबैर

आरफीन जुबैर प्रिंट माध्यम में पिछले 16 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा और खेल में रुचि रखते हैं.

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