टीएमबीयू के कर्मचारियों की प्रोन्नति का रास्ता साफ, लोकभवन ने 15 सितंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का दिया निर्देश

TMBU Employee Promotion: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है; पिछले 15 वर्षों से लंबित पड़े प्रमोशन को लेकर लोकभवन ने विवि प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है.

भागलपुर से आरफीन जुबैर की रिपोर्ट

TMBU Employee Promotion: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार बड़ी सौगात मिलने जा रही है. लोकभवन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने टीएमबीयू सहित बिहार के सभी विश्वविद्यालयों को एक आधिकारिक पत्र जारी कर कर्मचारियों की प्रोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया को आगामी 15 सितंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है. इस सरकारी आदेश के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक गलियारे में हलचल तेज हो गई है और कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.

500 से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ; ढाई साल पुराना आदेश दोबारा जारी

  • किन्हें मिलेगा लाभ: टीएमबीयू मुख्यालय, पीजी विभागों, केंद्रीय पुस्तकालय (लाइब्रेरी) और विवि के अंतर्गत आने वाले सभी अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत करीब 500 से अधिक तृतीय (Class 3) व चतुर्थ वर्गीय (Class 4) कर्मचारियों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा.
  • पदनाम में होगा बदलाव: इस वित्तीय व प्रशासनिक प्रोन्नति के तहत योग्य तृतीय वर्गीय कर्मचारियों को ‘प्रशाखा पदाधिकारी’ (Section Officer) के पद पर प्रमोट किया जाएगा, जबकि चतुर्थ वर्गीय कर्मियों को तृतीय वर्ग (लिपिक/क्लर्क आदि) में उन्नत होने का अवसर मिलेगा.
  • पहले का इतिहास: इससे पहले जनवरी 2024 में लोकभवन के तत्कालीन प्रधान महासचिव आरएल चोंगथू ने भी ऐसा ही निर्देश जारी किया था. विवि प्रशासनों द्वारा इसपर ढुलमुल रवैया अपनाए जाने और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लोकभवन ने ढाई साल पुराने इस कड़े दिशा-निर्देश को दोबारा समय सीमा (डेडलाइन) तय करके जारी किया है.

TMBU Employee Promotion: 15 साल का सूखा होगा खत्म; कर्मचारी संघ ने जताई खुशी

विश्वविद्यालय के कर्मचारी नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे हक की लड़ाई में एक बड़ी जीत बताया है.

विवि कर्मचारी सीनेट सदस्य सह तृतीय वर्गीय कर्मचारी संघ के सचिव रंजीत कुमार ने बताया कि टीएमबीयू के गैर-शैक्षणिक स्टाफ को पिछले 15 सालों से अधिक समय से कोई प्रोन्नति नहीं मिली थी, जिससे कर्मियों में भारी निराशा और आर्थिक नुकसान था. संघ लगातार इसके लिए विवि प्रशासन से लेकर राजभवन और लोकभवन तक गुहार लगा रहा था. अब जब शीर्ष स्तर से आदेश आ गया है, तो विवि प्रशासन को बिना किसी हीलाहवाली के अविलंब सर्विस बुक और वरिष्ठता सूची (Seniority List) को अपडेट कर प्रोन्नति कमेटी (DPC) की बैठक बुलानी चाहिए.

लोकभवन ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि इससे पूर्व शिक्षकों के बकाया प्रोन्नति की प्रक्रिया को हरी झंडी दी गई थी और अब कर्मचारियों की बारी है. तय समय सीमा यानी 15 सितंबर तक यदि विवि प्रशासन द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी. फिलहाल, विवि की स्थापना शाखा (Establishment Section) कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड को खंगालने और अर्हता सूची तैयार करने की तैयारियों में जुट गई है.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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