दो करोड़ से टिल्हा कोठी का होगा जीर्णोद्धार

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय कैंपस स्थित रविंद्र भवन सह टिल्हा कोठी को दो करोड़ से जीर्णोद्धार किया जायेगा.

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय कैंपस स्थित रविंद्र भवन सह टिल्हा कोठी को दो करोड़ से जीर्णोद्धार किया जायेगा. ताकि टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके. शिक्षा विभाग ने विवि के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है. दरअसल, पटना में बुधवार को शिक्षा मंत्री के साथ टीएमबीयू के कुलपति व अधिकारियों की बैठक हुई. इसमें कुलपति ने शिक्षा मंत्री को विवि के शैक्षणिक, प्रशासनिक व आधारभूत संरचना को विकसित करने के मुद्दे पर कई प्रस्ताव उनके समक्ष रखा. कुलपति प्रो जवाहर लाल ने बताया कि दो करोड़ की राशि से मुख्य भवन को दुरूस्त करने के साथ-साथ म्यूजियम को अपडेट किया जायेगा. उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान टिल्हा कोठी के महत्व के बारे में शिक्षा मंत्री को बताया गया. उनसे जीर्णोद्धार कराने के लिए आग्रह किया गया. शिक्षा मंत्री ने डिटेल फाइल शिक्षा सचिव को भेजने के लिए कहा है. आगे की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सकें. कुलपति ने शिक्षा मंत्री से विवि के योगा एवं फिजियोथेरेपी सेंटर के भवन निर्माण के बारे में भी आग्रह किया है. साथ ही रूसा के चेयरमैन ने कुलपति से कहा कि वे इस संबंध में प्रक्रिया को आगे बढ़ाये. रूसा फंड से प्रयास किया जायेगा. ऐसा नहीं होने की स्थिति में विवि अपने स्तर से नये भवन का निर्माण करायेगा. कुलपति ने बताया कि टीएनबी कॉलेज में वोकेशनल भवन के लिए बीएसईआईडीसी को टेंडर की प्रक्रिया करने के लिए कहा गया है. इस दौरान कुलपति ने शिक्षा मंत्री को डायरी भी भेंट की. तीन करोड़ से उपकरणों की खरीद का रखा प्रस्ताव – बैठक में कुलपति ने शिक्षा मंत्री के समक्ष तीन करोड़ की राशि से उपकरणों के खरीद का प्रस्ताव रखा था. शिक्षा मंत्री ने कुलपति से कहा है कि नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया करके विवि उपकरणों की खरीद प्रस्ताव के अनुरूप कर लें. साथ ही मारवाड़ी कॉलेज में बार-बार भवन निर्माण में संवेदक की लापरवाही पर शिक्षा मंत्री ने तत्काल बीएसईआईडीसी को निर्देश दिया है कि जांच कर रिपोर्ट तैयार करे. समय से निर्माण कार्य पूरा नहीं करने वाले संवेदक को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए कहा गया है. कुलपति ने बताया कि बीएसईआईडीसी के अंतर्गत जिन कॉलेजों में निर्माण कार्य कराया जा रहा है. संवेदक काम बीच में छोड़ कर भाग गया है. कॉलेज प्रशासन इसकी रिपोर्ट तैयार कर विवि प्रशासन को उपलब्ध कराये. ताकि संवदेक को ब्लैक लिस्टेड किया जा सकें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. भागलपुर में विकसित होंगी राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, धोनी और ईशान किशन की राह पर निकलेंगे नये सितारे

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

यह भी पढ़ें >