भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट,
15 साल पहले सिल्क सिटी के दक्षिणी क्षेत्र अंतर्गत मोहद्दीनगर स्वास्थ्य केंद्र में सारी सुविधाएं थीं. यहां सात बेड पर मरीजों को एडमिट करने की व्यवस्था थी. प्रसूति गृह की सुविधा थी. डिलीवरी मरीजों को भागमभाग की स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता था. अब यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनकर रह गया है. खुद इलाज को मोहताज है. स्थानीय लोगों की मानें तो भागलपुर स्मार्ट सिटी बनने के बाद दक्षिणी क्षेत्र की सुविधा और कम हो गयी और स्वास्थ्य सुविधा भी सीमित कर दी गयी, जबकि इसके विपरीत यहां की जनसंख्या चौगुनी से अधिक हो गयी.कई स्वास्थ्य संबंधित मशीन यहां महीनों से बंद पड़ी है. टेक्नीशियन नहीं होने के कारण इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है. इस स्वास्थ्य केंद्र में कुल पांच डॉक्टर की उपस्थिति लगायी गयी हैच्. अलग-अलग दिन एक-एक करके आते हैं.
पहले 24 घंटे तक थी स्वास्थ्य सुविधा, अब दोपहर दो बजे बंद हो जाता है स्वास्थ्य केंद्र
स्थानीय लोगों में सुविधा अभाव को लेकर रोष बढ़ता जा रहा है. यहां के लोगों ने जिला प्रशासन से लेकर सरकार तक गुहार लगायी है और दर्द बयां किया है कि दक्षिणी क्षेत्र स्मार्ट सिटी भागलपुर से कटा हुआ छोड़ दिया गया और यहां के लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया गया. पहले 24 घंटे तक स्वास्थ्य सुविधा मिलती थी. 15 साल पहले यहां का भवन जर्जर होता चला गया और यहां की व्यवस्था बिगड़ती चली गयी. अब तो यहां के लोगों को रात्रि में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर सीधा मायागंज अस्पताल व सदर अस्पताल दौड़ना पड़ता है. खासकर प्रसव पीड़ा से पीड़ित मरीज व अन्य गंभीर मरीजों के लिए वह पल बहुत ही असहनीय हो जाता है. समय पर इलाज के अभाव में कई मरीजों की मौत भी हो जाती है. आपातकालीन स्थिति में कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती है. इतना ही नहीं दोपहर दो बजे स्वास्थ्य केंद्र बंद हो जाता है. ऐसे में यहां के मरीजों को निजी क्लिनिक में जेब ढीली करनी पड़ती है.जमीन की है पर्याप्त व्यवस्था, बन सकते हैं 24 घंटे का अस्पताल
दक्षिणी क्षेत्र विकास समिति के संयोजक राकेश रंजन केसरी, धीरज साह, सर्वेश्वर प्रसाद साह, दयाल प्रसाद गुप्ता, मीना कुमारी आदि ने कहा कि अब भी यहां पर्याप्त जमीन खाली है. यहां 24 घंटे का अस्पताल बन सकता है. प्रसूति वार्ड, ऑपरेशन थियेटर की सुविधा हो सकती है. एंबुलेंस की सुविधा मिल सकती है. सरकार व जिला प्रशासन को इसका ख्याल करना होगा. इसके लिए सिविल सर्जन से गुहार भी लगायी गयी है.
