अनशन पर बैठे दो छात्रों के तबीयत बिगड़ी

टीएमबीयू के पीजी हिंदी विभाग के शिक्षक दिव्यानंद के तबादले के विरोध में छात्रों का अनशन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा.

टीएमबीयू के पीजी हिंदी विभाग के शिक्षक दिव्यानंद के तबादले के विरोध में छात्रों का अनशन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा. विभाग के बाहर अनशन पर बैठे रहे छात्रों ने शिक्षक को विभाग वापस लाने की मांग की. दूसरी तरफ अनशन पर बैठे छात्र अमन कुमार व रूपेश की तबीयत ज्यादा बिगड़ गयी. दोनों को स्लाइन चढ़ाई गयी. जबकि छात्राएं काेमल, आरती, सिंकू, शिवानी, निशा कुमारी, वर्षा कुमारी भी बीमार हैं. इस बाबत विवि के डॉक्टर माैके पर पहुंचकर छात्र-छात्राओं की स्थिति देखी. इसके बाद भी छात्र हटने को तैयार नहीं हैं. उधर, छात्र-छात्राओं के अनशन कार्यक्रम को लेकर विवि थानाध्यक्ष दलबल के साथ मौके पर मौजूद थी. थानाध्यक्ष सुप्रिया कुमारी ने भी आंदोलित छात्र-छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी. वार्ता में नहीं माने छात्र मामले को लेकर विवि के वरीय शिक्षक प्रो अशाेक कुमार ठाकुर व प्राॅक्टर प्रो अर्चना साह छात्राें से वार्ता करने विभाग पहुंचे थे. उन्हाेंने समझाने का प्रयास किया. अधिकारी ने छात्रों से कहा कि शिक्षक के मामले काे लेकर कुलपति के समक्ष उनलोगों की बात रखेंगे, लेकिन छात्रों ने अधिकारी की बात को नहीं माना. उधर, पूर्व डिप्टी मेयर प्रीति शेखर ने भी छात्राें से मिलकर कुलपति से बात करने की बात कही है. शिक्षक व कर्मचारियों की बायोमेट्रिक से नहीं बनी हाजिरी आंदोलित छात्रों द्वारा विभाग को बंद करा दिया गया है. ऐसे में मंगलवार को विभाग के हेड, शिक्षकों व कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं बना पायी. अब उनलोगों को वेतन कटने का डर सताने लगा है. उधर, विभागाध्यक्ष प्रो नीलम महतो ने कहा कि पेज पर हाजिरी बनाकर रजिस्ट्रार कार्यालय को भेज दिया गया है. साथ ही सारे मामले से अवगत कराया गया है. क्या है मामला – हिंदी विभाग में जन्मदिन के मौके पर 31 जनवरी को तलवार से केक काटने के मामले में शिक्षक डॉ दिव्यानंद का टीएमबीयू प्रशासन ने जेपी काॅलेज नारायणपुर तबादला कर दिया है. इसे लेकर विभाग के छात्रों ने अनशन शुरू कर दिया है. छात्राें का कहना है कि शिक्षक दोषी नहीं है. हमलोगों के कहने पर उन्होंने केक काटा था, जिसमें बाद हमलोगों ने माफी भी मांगी है. बायोमेट्रिक से हाजिरी नहीं बनने पर कटेगा वेतन – रजिस्ट्रार टीएमबीयू के रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने कहा कि बायोमेट्रिक से हाजिरी नहीं बनने पर वेतन काटा जायेगा. सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि बायोमेट्रिक से ही हाजिरी मान्य होगा. कहा कि विभाग की हेड को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है. उनके विभाग के ही सभी छात्र-छात्राएं हैं. हेड द्वारा आंदोलित छात्रों पर कार्रवाई नहीं किया जाना गंभीर मामला है. जबकि दो दिन से विभाग बंद है. पठन-पाठन बाधित हो रहा है. सरकारी कार्य को भी बाधित किया जा रहा है. ऐसे में विभागाध्यक्ष कार्रवाई नहीं करती हैं, तो उनके क्रियाकलापों पर भी सवाल उठने लगा है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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