टीएनबी शिक्षक और अवैध हॉस्टलर पर पांच दिनों के भीतर हो कार्रवाई, नहीं तो उग्र आंदोलन : एबीवीपी
टीएनबी कॉलेज में 22 मई को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) नेता व शिक्षक डॉ निर्लेश कुमार के बीच हुए टकराव को लेकर मामला तूल पकड़ने लगा है. मामले में मंगलवार को एबीवीपी कार्यकर्ता रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे से मिले. उक्त मामले में परिषद के कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रार से पांच दिनों के भीतर कार्रवाई करने मांग की है. परिषद ने उक्त शिक्षक को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है. साथ ही पीजी पुरुष वन हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे लोगों को संरक्षण देने का आरोप विवि प्रशासन पर लगाया है. परिषद ने डीएसडब्ल्यू प्रो अर्चना साह से मांग की है कि हॉस्टल में अवैध रूप से कब्जा जमाये बाहरी तत्वों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बाहर किया जाये. 22 मई को टीएनबी कॉलेज में हुई घटना के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है. मौके पर राजा यादव, हर्ष मिश्रा, ऋषि महतो, किशन सोनी, प्रभाकर मंडल, प्रत्यूष राज, शिवम तिवारी, हिमांशु सिंह, आशीष यादव आदि मौजूद थे.
कार्रवाई नहीं करने पर अनशन व आंदाेलन की चेतावनी
प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद, जिला संयोजक सूर्य प्रताप ने कहा कि पांच दिनों के भीतर विवि प्रशासन उक्त मामले में कार्रवाई नहीं करता है, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रहित में उग्र आंदोलन एवं अनशन करेगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी. साथ ही विवि से मांग की है कि टीएनबी कॉलेज में लाठी, डंडा एवं हथियार लेकर पहुंचने वाले सभी लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए सख्त कार्रवाई की जाये. परिषद ने विवि प्रशासन से कहा कि इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से लिया गया शुल्क शीघ्र वापस किया जाये. साथ ही एसएम कॉलेज में किस आधार पर इंटर्नशिप करवाया गया. इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो.
10 हजार मैसेज के बाद प्रभारी कुलपति ने बनायी कमेटी
परिषद के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने कहा कि 22 मई की घटना को लेकर विवि के प्रभारी कुलपति को परिषद के तीन सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने मैसेज कर कार्रवाई करने की मांग की थी. छात्र नेताओं ने कहा कि करीब हजार संदेशों के बाद प्रभारी कुलपति ने जांच कमेटी का गठन किया. लेकिन केवल कमेटी बनाकर मामलों को दबाने का खेल मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कमेटी बनाकर मामलों को दबाने का खेल लंबे समय से कर रहा है. ऐसे में किसी भी कमेटी पर विश्वास नहीं रह गया है.
एसएसएआइ ने एबीवीपी को बताया उपद्रवी संगठन
छात्र राजद के संगठन एसएसएआइ (सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के विवि अध्यक्ष लालू यादव ने बयान जारी कर एबीवीपी को उपद्रवी संगठन बताया है. छात्र नेता ने परिषद के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया कि विवि व कॉलेजों को बंद कराने के नाम पर उपद्रव किया गया. इसके विरोध में विश्वविद्यालय व कॉलेजों में शैक्षणिक सौहार्द कायम रखने, पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चलाने के उद्देश्य से बुधवार को पीजी पुरुष छात्रावास संख्या चार में छात्र राजद ने आपात बैठक बुलायी है. छात्र नेता ने लालू यादव ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में विवि प्रशासनिक भवन व कॉलेजों में सरकारी कार्य को बाधित करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ आम छात्र-छात्राओं के बीच भय का माहौल बनाने का भी परिषद पर आरोप लगाया है. वहीं, संगठन के प्रदेश महासचिव उमर ताज अंसारी कहा कि विवि में एक सप्ताह से जो अराजकता का माहौल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा बनाया गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. यहां के कुछ सामंतवादी शिक्षक और कुछ लोग सामंती सोच और राजनीतिक दबाव में विश्वविद्यालय में तनाव और अराजकता का माहौल पैदा कर रहे हैं. उन्होंने टीएनबी कॉलेज प्रशासन के कक्ष में विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं पर शिक्षकों से बदतमीजी और गाली-गलौज का आरोप लगाया है. कहा कि डॉ निर्लेश कुमार पर अशोभनीय टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है. उधर, छात्र राजद के पूर्व प्रवक्ता आशुतोष यादव ने कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा डॉ मुश्फिक आलम का विरोध किया जाना अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है. उनके पास डॉ आलम के विरोध का कोई आधार नहीं है. सांप्रदायिक दुर्भावना से ग्रस्त होकर उनका विरोध कर रहे हैं. इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
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