– बढ़ती आबादी और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए गृह विभाग ने लिया निर्णय
ऋषव मिश्रा कृष्णा, भागलपुरभागलपुर में ज्यादा तीक्ष्ण और प्रभावी पुलिसिंग के लिए गृह विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों की कमान अब ग्रामीण एसपी को थमाने के पद सृजन की तैयारी पूरी कर ली गयी है. बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा इस तरह का बदलाव किया गया है. बढ़ती आबादी और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के कार्यक्षेत्र, अधिकार एवं कर्तव्यों का स्पष्ट निर्धारण कर दिया गया है. गृह विभाग ने भागलपुर में पुलिसिंग को शहरी और ग्रामीण हिस्सों में विभाजित कर दिया है. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, कहलगांव-1 एवं कहलगांव-2 के अलावा पुलिस उपाधीक्षक विधि व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है. मालूम हो कि बढ़ती आबादी और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए सूबे में पुलिस पदाधिकारियों के कुल 181 नये पदों का सृजन किया गया है. सूबे में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के कुल 11 पदों का सृजन किया गया है, इसी क्रम में ग्रामीण ग्रामीण एसपी का भी पद सृजित किया गया है.इन क्षेत्रों के लिए प्रभावी होंगे ग्रामीण एसपी
कहलगांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वन का क्षेत्र कहलगांव, अंतीचक, घोघा, रसलपुर, अमडंडा, सन्हौला, सनोखर एवं एनटीपीसी थाना, कहलगांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टू का क्षेत्र पीरपैंती, एकचारी, बुद्धुचक, बाखरपुर, ईशीपुर बाराहाट तथा शिवनारायणपुर थाना, इसके अलावे पुलिस उपाधीक्षक, विधि-व्यवस्था, भागलपुर के अधीन कजरैली, जगदीशपुर, सबौर एवं बायपास थाना भी ग्रामीण एसपी के कार्यक्षेत्र में शामिल किया गया है.
