Bhagalpur news जीर्णोद्धार के बाद भी महिला अस्पताल में प्रसव सेवा ठप
ग्रामीण व शहरी इलाकों की महिलाओं के लिए प्रसव सुविधा सुलतानगंज के इकलौते महिला अस्पताल में आज भी बहाल नहीं हो सकी है.
By JITENDRA TOMAR | Updated at :
ग्रामीण व शहरी इलाकों की महिलाओं के लिए प्रसव सुविधा सुलतानगंज के इकलौते महिला अस्पताल में आज भी बहाल नहीं हो सकी है. अस्पताल में केवल आउटडोर सेवा ही संचालित है, जबकि प्रसव के लिए दूर-दूर से आने वाली गरीब और लाचार महिलाओं को महिला अस्पताल में प्रसव सुविधा नहीं मिलने से निजी नर्सिंग होम में मोटी रकम खर्च करने की मजबूरी है. अस्पताल में लंबे समय से प्रसव सेवा बंद रहने से सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को हो रही है. कई किलोमीटर दूर से आने वाली गर्भवती महिलाओं को रेफरल अस्पताल, भागलपुर अथवा निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है.
सदन में गूंजी आवाज
सोमवार को विधायक प्रो ललित नारायण मंडल ने विधानसभा में सुलतानगंज के महिला अस्पताल का मुद्दा उठाया. उन्होंने महिला अस्पताल को पूरी क्षमता के साथ चालू करने की मांग की, ताकि महिलाओं को सुरक्षित प्रसव सुविधा मिल सके. महिला अस्पताल में अविलंब चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर प्रसव सेवा शुरू की जाये.
पूरे बिहार में सिर्फ दो महिला अस्पताल
विधायक ने कहा कि पूरे बिहार में केवल दो महिला अस्पताल हैं, जिनमें एक सुलतानगंज में है. नीतीश सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य, सुरक्षा और चिकित्सा ढांचे को सशक्त किया जा रहा है, ऐसे में सुलतानगंज के महिला अस्पताल को उपेक्षित रखना न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने कहा कि यह जनता की मांग है, लोग हमसे कहते हैं और हमने वही आवाज सदन में उठाई है. जनता के साथ न्याय होना चाहिए, ताकि क्षेत्र की महिलाओं को राहत मिल सके. विधायक ने रेफरल अस्पताल सुलतानगंज में हृदय व नेत्र रोग विशेषज्ञों की प्रतिनियुक्ति करने. शाहकुंड अस्पताल को रेफरल अस्पताल का दर्जा देने, सजौर स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन का निर्माण कराने, अस्पतालों में दक्ष कर्मचारियों व ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाने की जरूरत बतायी.
लोगों में जगी उम्मीद, सरकार पर सबकी नजर
लोगों का कहना है कि सुलतानगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में महिला अस्पताल है. प्रसव सुविधा बंद रहना स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है. महिलाओं को राहत देने वाला अस्पताल खुद बीमार व्यवस्था का शिकार हो गया है. बार-बार मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया. विस में महिला अस्पताल की आवाज बुलंद होने से सुलतानगंज के लोगों में खुशी है और बंद पड़ी प्रसव सुविधा के पुनः शुरू होने की आस जगी है. क्षेत्रवासियों की निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी है.