बिना आधार वेरिफिकेशन के इन 4 ट्रेनों में नहीं मिलेगा तत्काल टिकट, दलालों पर नकेल कसने की तैयारी

Tatkal Tickets: भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग में दलालों की धांधली रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है. इसी क्रम में चार ट्रेनों में तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है.

Tatkal Tickets, ललित किशोर मिश्र: ट्रेनों के तत्काल टिकट को दलालों के कब्जे से मुक्त करने की दिशा में रेलवे ने ठोस कदम उठाया है. अब तत्काल टिकट के लिए आधार व मोबाइल नंबर के साथ रेलवे काउंटर तक पहुंचना होगा. यात्री का परिजन भी टिकट कटा सकता है. काउंटर पर आधार कार्ड पर जो नंबर है, उसपर ओटीपी आयेगा. इसे फीड करने के बाद टिकट मिल पायेगा. इस नयी व्यवस्था को लेकर पूर्व रेलवे कोलकाता के अधिकारी ब्रज किशोर शर्मा ने 15 दिसंबर को आदेश जारी किया गया है. यह व्यवस्था मालदा डिवीजन के भागलपुर समेत सभी स्टेशनों पर लागू हो गया है.

आने वाले दिनों में अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए भी लागू होगा नियम

फर्स्ट फेज में यह नियम विक्रमशिला एक्सप्रेस, जमालपुर-हावड़ा सुपर एक्सप्रेस, अंग एक्सप्रेस व एलटीटी एक्सप्रेस में लागू हो गया है. आने वाले दिनों में अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू होगा. इन चार ट्रेनों में अब नये नियम के तहत ही तत्काल टिकट मिलेगा. इन चारों ट्रेनों में करीब-करीब रोजाना वेटिंग रहता है. विक्रमशिला और जमालपुर-हावड़ा सुपर एक्सप्रेस हर दिन चलती है. एलटीटी और अंग एक्सप्रेस हर दिन नहीं चलने वाली ट्रेन है. इसके बाद भी कंफर्म टिकट नहीं मिलता है.

टिकट दलालों पर कसेगा नकेल

तत्काल टिकट योजना का लाभ सामान्य यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है. दलालों की वजह से तत्काल टिकट के लिए रात से नंबर लगाये बैठे लोगों को टिकट नहीं मिल पाता है.

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आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने से कई यात्री लौटे

इन चारों ट्रेनों में मंगलवार को कई लोगों को तत्काल टिकट नहीं मिल पाया. नंबर आने के बाद भी टिकट नहीं मिल पाया. इसका कारण कुछ लोगों का आधार नंबर से मोबाइल नंबर जुड़ा नहीं था. इससे वो मायूस होकर लौट गये. काउंटर पर उन्हें जानकारी दी गयी कि आधार से मोबाइल नंबर जोड़ लें, नहीं जोड़ने पर तत्काल टिकट नहीं बन पायेगा.

मालदा डिवीजन के जनसंपर्क पदाधिकारी रसराज माजी ने बताया कि ट्रेनों के तत्काल टिकट पर दलालों के कब्जे से मुक्त करने के लिए रेलवे ने कड़ा उपाय किया है. मंगलवार को आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने के कारण कई यात्रियों को काउंटर से लौटना पड़ा.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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