सुलतानगंज-कटोरिया रेल योजना की राशि 331 करोड़ से बढ़कर हुई 3 हजार करोड़

Sultanganj Katoria Rail Line Project: भागलपुर प्रक्षेत्र के रेल यात्रियों और देवघर जाने वाले कांवरियों के लिए एक बेहद कड़क खबर सामने आई है. वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ी सुलतानगंज से कटोरिया रेल लाइन परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है, जिसके तहत इस योजना का बजट 331 करोड़ रुपये से कई गुना बढ़कर अब लगभग तीन हजार करोड़ रुपये संधारित होने जा रहा है.

भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट

Sultanganj Katoria Rail Line Project: बिहार के अंग और सीमांचल प्रक्षेत्र को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सुलतानगंज-कटोरिया रेल लाइन योजना को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है. वर्ष 2007-08 की यह महत्वाकांक्षी योजना कई सालों तक पूरी तरह बंद पड़ी थी, लेकिन हाल के महीनों में रेलवे की सक्रियता से इसमें तेजी आई है. हालांकि, सुलतानगंज में प्रस्तावित नए एयरपोर्ट के लिए चिन्हित जमीन के दायरे में रेल लाइन का कुछ हिस्सा आ जाने के कारण इस परियोजना की कड़ियों में बड़ा तकनीकी बदलाव करना पड़ा है. इस विसंगति को दूर करने के लिए पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग द्वारा नए सिरे से सर्वे का काम युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है.

एयरपोर्ट के कारण बदला रेल रूट; अब बिछेगी और लंबी पटरी

इस रेल परियोजना के पुराने इतिहास और वर्तमान तकनीकी बदलावों की मुख्य कड़ियां बेहद महत्वपूर्ण हैं. पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई इस योजना के तहत पूर्व में कुल 74.80 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. उस समय इस पूरी परियोजना के लिए महज 331 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था, जिसमें भागलपुर, मुंगेर और बांका जिले का भौगोलिक एरिया शामिल है.

वर्तमान में बांका से कटोरिया तक तो रेल कमान मुस्तैद है, लेकिन कटोरिया से सुलतानगंज के बीच का मुख्य काम पूरी तरह अधूरा था. अब एयरपोर्ट की जमीन से टकराव होने के कारण रेलवे दोबारा पैमाइश कर रहा है, जिससे न केवल रेल लाइन की कुल लंबाई (किलोमीटर) बढ़ेगी, बल्कि जमीन अधिग्रहण का धारणा भी नया रूप लेगा.

कांवरियों को मिलेगी मदद ; आसान होगी बाबाधाम की राह

सुलतानगंज से कटोरिया तक इस छूटे हुए रेलखंड का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद सबसे ज्यादा फायदा श्रावणी मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले कांवरियों को मिलेगा. इस रूट के चालू होने से शिवभक्त सुलतानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल भरकर बेहद सुगमता और कम समय में कटोरिया होते हुए बाबाधाम देवघर तक पहुंच सकेंगे, जिससे प्रक्षेत्र के व्यापार को भी बड़ा आर्थिक मदद मिलेगा.

योजना का री-स्टीमेट तैयार किया जा रहा है. दस दिनों में यह तैयार हो जायेगा. लगभग तीन हजार करोड़ रुपया का री-स्टमेट तैयार कर इसे रेलवे बोर्ड जल्द भेजा जायेगा. रेलवे बोर्ड से योजना की मंजूरी मिलने पर काम शुरू हो जायेगा.

: कुमार हेमंत, डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन, पूर्व रेलवे

दस दिनों के भीतर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा तीन हजार करोड़ का नया इस्टीमेट

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत की सीधी निगरानी में इस मेगा प्रोजेक्ट का नया री-इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है. आगामी दस दिनों के भीतर इस इस्टीमेट को पूरी तरह फाइनल कर अंतिम मंजूरी के लिए सीधे रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली प्रेषित कर दिया जाएगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >