TMBU Bhagalpur Student Protest: जब ज्ञान के मंदिर ही खंडहर में तब्दील होने लगें और जहां बैठकर भविष्य गढ़ा जाता हो, वहां सिर पर छत का जर्जर मलबा गिरने का डर सताने लगे, तो छात्र जाएं तो कहां जाएं. तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के स्नातकोत्तर (पीजी) विभागों में इन दिनों कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है. क्लासरूम में पढ़ाई के दौरान अचानक छत से टूटकर गिरते प्लास्टर और गिट्टी के बीच छात्र-छात्राएं रोज अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा हासिल करने को मजबूर हैं. इसी जानलेवा बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन बिहार के बैनर तले मंगलवार को सैकड़ों छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक तक जोरदार प्रतिवाद मार्च निकाला.
पीजी आंबेडकर विभाग से लेकर संगीत विभाग तक जर्जर इमारतों का खौफ
यूनिवर्सिटी परिसर की ऐतिहासिक और शैक्षणिक इमारतों की हालत किस कदर दयनीय हो चुकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीजी आंबेडकर विभाग का शायद ही कोई ऐसा कोना बचा हो, जहां से आए दिन जर्जर मलबा टूट-टूटकर नीचे न गिरता हो. स्थिति यह बन चुकी है कि छात्र-छात्राएं अब क्लासरूम के भीतर कदम रखने से भी कतराने लगे हैं. केवल आंबेडकर विभाग ही नहीं, बल्कि पीजी राजनीति विज्ञान, पीजी गांधी विचार, पीजी बांग्ला, पीजी संगीत और पीजी आइआरपीएम (IRPM) विभाग समेत कई अन्य पीजी विभागों के भवनों की स्थिति भी बेहद जर्जर और जानलेवा हो चुकी है. वर्षों से रखरखाव और मरम्मत न होने के कारण ये भवन अब बड़े हादसों को न्योता दे रहे हैं.
छात्रों के पहुंचते ही बंद कर दिए गए प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट
छात्र नेता अनीश कुमार आनंद, सोनम राव और उनके साथियों ने बताया कि वे खुद इसी विभाग के छात्र रहे हैं और रोज इस खौफनाक जमीनी हकीकत का सामना करते हैं. अपनी इन्हीं जायज और बुनियादी मांगों को लेकर जब आंदोलित छात्र मार्च निकालते हुए विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर पहुंचे, तो अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को सुनने और संवाद कायम करने के बजाय प्रशासनिक भवन का मुख्य गेट ही बंद करवा दिया. एसी कमरों में बैठे आला अधिकारियों के इस संवेदनहीन और उदासीन रवैये को छात्र संगठन ने बेहद शर्मनाक करार दिया और परिसर में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
हॉस्टल के सामने जलजमाव और बुनियादी सुविधाओं का घोर अकाल
केवल जर्जर भवन ही नहीं, बल्कि टीएमबीयू परिसर में बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अकाल है. शोध छात्र रामानंद ने परिसर की दयनीय स्थिति पर गहरा दुख जताते हुए बताया कि विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ आंबेडकर कल्याण छात्रावास संख्या-2 के ठीक सामने मुख्य सड़क पर लंबे समय से गंदे पानी का जलजमाव बना हुआ है. इस वजह से हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और वहां से गुजरने वाले आम लोगों व छात्र-छात्राओं का पैदल चलना तक दूभर हो गया है. पीने के साफ पानी, स्वच्छता और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी छात्रों को लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है.
TMBU Bhagalpur Student Protest: रजिस्ट्रार को सौंपा गया मांग पत्र, सुधार न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
हंगामा और विरोध प्रदर्शन के बीच आखिरकार छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि टीएमबीयू के तमाम जर्जर पीजी विभागों, संबद्ध कॉलेजों और छात्रवासों के जानलेवा हो चुके भवनों की तुरंत मरम्मत कराई जाए और जरूरत पड़ने पर उनका पुनर्निर्माण कराया जाए. मौके पर सोनू कुमार निगम, अनुपम, अजित, सुमित, सौरव, रोहित, रामानंद, मनीष और समीर समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे. छात्रों ने साफ कर दिया है कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही इन जर्जर इमारतों की सुध नहीं ली और हॉस्टल के सामने जलजमाव की समस्या दूर नहीं की, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा.