Bihar Bandh Student Protest: नीट (NEET) पेपर लीक मामले, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और दिल्ली में छात्र आंदोलनों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को 'बिहार बंद' का भागलपुर में व्यापक असर देखने को मिला. सुबह 9:00 बजे से ही भागलपुर स्टेशन चौक पर सैकड़ों छात्र-छात्राओं का जुटना शुरू हो गया था. सुबह 10:30 बजे तक हजारों की संख्या में पहुंचे विद्यार्थियों ने केंद्र सरकार, नीट परीक्षा प्रणाली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया.
हाथ में तख्तियां और नारों की गूंज: पीएम व शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा
प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं अपने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे थे, जिन पर कई तीखे स्लोगन लिखे हुए थे:
"नीट परीक्षा में पेपर लीक करने वाले भूमाफियाओं और दोषियों को सख्त सजा मिले."
"छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करो."
"प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता (Transparency) सुनिश्चित की जाए."
"निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो."
"नीट पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री इस्तीफा दें."
लड़कों से ज्यादा छात्राओं की रही भागीदारी, पुलिस छावनी में बदला स्टेशन चौक
इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि छात्रों की तुलना में छात्राओं (महिला परीक्षार्थियों) की संख्या अधिक देखी गई:
- छात्राओं का आक्रोश: हर वर्ग और पृष्ठभूमि से आईं छात्राओं ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका यह लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा.
- भारी पुलिस बल की तैनाती: प्रदर्शन को देखते हुए स्टेशन चौक और पूरा रेलवे परिसर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. जिला पुलिस के वरीय अधिकारी दलबल के साथ मौके पर कैंप कर रहे थे. एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.
बाजार में घूमे प्रदर्शनकारी; 50% से ज्यादा दुकानें रहीं बंद
छात्रों का जत्था शांतिपूर्ण तरीके से बाजार की ओर भी बढ़ा:
- व्यापार पर असर: हालांकि प्रदर्शनकारियों ने किसी भी दुकान को जबरन बंद नहीं कराया, लेकिन समर्थन और एहतियात के तौर पर शहर की 50 प्रतिशत से अधिक दुकानें स्वतः बंद रहीं.
- यातायात प्रभावित: दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले यात्रियों की संख्या काफी कम रही और सड़कों पर निजी वाहनों का परिचालन भी सामान्य से बेहद कम देखा गया.
Bihar Bandh Student Protest: छात्र संगठनों के नेताओं ने दिया कड़ा संदेश
आइसा (AISA) के प्रवीण कुशवाहा, इंकलाबी नौजवान सभा के गौरीशंकर राय तथा बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन (बिहार) के सोनू कुमार निगम व प्रवीण यादव के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया.
छात्र नेताओं का संयुक्त बयान: "नीट पेपर लीक और इसके कारण लगातार हो रही छात्रों की आत्महत्याओं की सीधी नैतिक जवाबदेही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेनी चाहिए. बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन का रवैया भी दमनकारी रहा है, जहां हक की आवाज उठाने वाले नौजवानों पर फर्जी मुकदमे कर उन्हें जेल में डाला जा रहा है. लेकिन बिहार का छात्र-नौजवान न पुलिसिया लाठी से डरेगा और न ही झुकेगा."
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