जिले के विभिन्न गांवों से मंगलवार को आठवीं पास छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावकों डीइओ कार्यालय पहुंचे और घेराव किया. घेराव के समय डीइओ कार्यालय में नहीं थे, लिहाजा छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के कर्मियों बहस करते हुए नारेबाजी की. छात्र-छात्राएं शिक्षा विभाग के मुख्य कार्यालय के आगे जमीन पर बैठ कर गेट को पांच मिनट के लिए जाम कर दिया, लेकिन डायट के कर्मियों द्वारा समझाने के बाद फिर से शिक्षा विभाग कार्यालय पहुंच कर नारेबाजी करने लगे. छात्र-छात्राओं का कहना था कि उनलोगों ने पिछले दिनों ही नौंवी कक्षा में नजदीक के स्कूल में नामांकन कराने की सहमति लेने के लिए आवेदन दिया था. उनलोगों को मंगलवार को बुलाया गया था, लेकिन यहां आने के बाद नामांकन के संदर्भ में कुछ भी जानकारी नहीं दी जा रही है.
डीइओ नहीं आये, तो छात्र-छात्राएं पहुंचे डीएम कार्यालय
करीब दो घंटे तक शिक्षा विभाग कार्यालय में डीइओ का इंतजार करने के बाद भी उनके नहीं आने पर छात्र-छात्राएं पैदल ही नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे. डीएम कार्यालय के समक्ष उनलोगों को मुख्य गेट पर ही रोक लिया गया. फिर एडीएम लॉ एंड आर्डर उनसे बात करने पहुंचे, लेकिन कुछ देर के बाद ही छात्र-छात्राएं फिर जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुंच कर नारेबाजी करने लगे और गेट पर बैठ गए. इसके बाद डीएम ने छात्र-छात्राओं के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अपने कार्यालय में बुलाया और नामांकन को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया. इसके बाद छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक वापस लौट गये.क्या मिला आश्वासन
छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल में सन्नी कुमार, सृष्टि कुमारी, सुशीला, ऋदिमा कुमारी व एक अन्य थे. पांचों ने बताया कि डीएम ने बताया कि बात को आगे रखा जायेगा. जल्द ही नामांकन हो जायेगा. छात्र-छात्राओं ने बताया कि डीएम सर से आश्वासन मिलने के बाद उनलोगों का नामांकन उनके घर के नजदीक के स्कूलों में हो जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
