कहलगांव व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष के दूसरे राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन अवर न्यायाधीश सह अध्यक्ष अखिलेश कुमार, अवर न्यायाधीश मो तस्नीम कौशर, सचिव सह मुंसिफ विकास गौरव, सदस्य जय कुमार सिंह व शंकर प्रसाद चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया. मुंसिफ सह सचिव विकास गौरव ने बैंकरों से मामलों के निष्पादन में लचीला रुख अपनाने व अधिक से अधिक मामलों के समाधान में सहयोग करने की अपील की. अवर न्यायाधीश सह अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने कहा कि लोक अदालत आपसी समझौते का ऐसा सशक्त माध्यम है, जहां दोनों पक्षों की सहमति से विवादों का समाधान होता है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष दीपांकर पांडेय के निर्देश पर कहलगांव के लिए दो बेंचों का गठन किया गया था. प्रथम बेंच में न्यायिक पदाधिकारी अखिलेश कुमार व अधिवक्ता जय कुमार सिंह शामिल थे. इस बेंच में कुल 140 मामलों का निबटारा हुआ, जिसमें 30 लाख 46 हजार 775 रुपये पर समझौता व 14 लाख 13 हजार 175 रुपये की वसूली हुई.
दूसरे बेंच में न्यायिक पदाधिकारी मो तस्नीम कौशर व अधिवक्ता शंकर प्रसाद चौधरी शामिल थे. इस बेंच में 125 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें 79 लाख 524 रुपये पर समझौता व 60 लाख 90 हजार 588 रुपये की वसूली हुई. दोनों बेंचों को मिलाकर कुल 265 मामलों का आपसी सहमति से निबटारा किया गया. इस दौरान विभिन्न बैंकों के मामलों का निष्पादन हुआ, जिनमें स्टेट बैंक के 90, यूको बैंक के 127, ग्रामीण बैंक के 34, यूनियन बैंक के नौ, बैंक ऑफ बड़ौदा के दो, पंजाब नेशनल बैंक का एक, आरोहन के दो तथा इंडियन बैंक का एक मामला शामिल रहा. राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1 करोड़, 9 लाख, 47 हजार 299 रुपये की राशि पर समझौता हुआ, जबकि 75 लाख, तीन हजार, 763 रुपये की वसूली की गयी. न्यायालय परिसर में लोगों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही, जिसका असर मामलों के निष्पादन पर देखने को मिला. मौके पर सीरिस्तेदार अरविंद कुमार, चंदन नाथ चौधरी, नाजिर संजय कुमार, प्रवीण कुमार, ओम शरण, आकाश कुमार, सौरभ कुमार, अर्चना कुमारी व अविकास मौजूद थे. संचालन मनीष पांडेय ने किया.
