विक्रमशिला सेतु का कुछ हिस्सा तीन मई की रात में टूट कर गिरने से कई चीजों पर असर दिखने लगा है. कोचिंग व स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम हो गयी है. नवगछिया की तरफ से मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षा की दूर-दूर से तैयारी करने छात्र-छात्राएं प्रतिदिन आते थे. ऐसे समय में विक्रमशिला सेतु की समस्या केवल यातायात की परेशानी नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बना है. दूसरी तरफ उपचार के लिए भी मरीज चिकित्सकों के यहां कम पहुंच रहे हैं.
फोटो – सिटी के बाहर
शिक्षा व्यवस्था पर मंडरा रहा संकट : राम कृष्ण सिन्हादिशा न्युक्लियस कोचिंग सह प्लस टू स्कूल के निदेशक राम कृष्ण सिन्हा ने कहा कि भागलपुर को उत्तर और दक्षिण बिहार से जोड़ने वाला एक मात्र विक्रमशिला सेतु था. सेतु का कुछ हिस्सा टूटने से इसका असर शिक्षा के क्षेत्र में भी पड़ने लगा है. कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर संकट मंडराने लगा है. सेतु हजारों छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों के सपनों को जोड़ने वाली एक जीवनरेखा है. सेतु लंबे समय तक बंद रहता है या इसकी स्थिति असुरक्षित बनी रहती है, तो इसका सबसे गहरा असर भागलपुर की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा.
फोटो – सिटी के बाहर कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की घटी उपस्थिति – विनीत अग्रवालमाउंट जियोन एकेडमी के निदेशक विनीत अग्रवाल ने कहा कि विक्रमशिलाा सेतु से प्रतिदिन नवगछिया, बिहपुर, गोपालपुर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भागलपुर के स्कूलों व कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने आते हैं, लेकिन पुल की खराब स्थिति या यातायात बाधित होने के कारण छात्रों की नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है. कई छात्र समय पर कक्षाओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. ऐसे में उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी दोनों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. कहा कि निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में छात्रों की संख्या घटने लगी है.
फोटो – सिटी के बाहर मरीजों को आने में हो रही परेशानी : डॉ वीरेंद्रचिकित्सक कॉडियोलॉजी डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि विक्रमशिला सेतु पर परिचालन प्रभावित होने का असर नवगछिया सहित उस एरिया के कई जगहों के मरीज को भागलपुर आने में परेशानी हो रही है. सुगम आवागमन के साधन नहीं होने के कारण मरीज पहुंच नहीं पा रहे हैं. सीरियस मरीज नहीं आ पा रहे हैं, जो किसी तरह आ भी रहे हैं तो उन्हें लेट हो जा रहा है. सामान्य दिनों की अपेक्षा अभी के समय में नवगछिया एरिया से मरीज बहुत कम पहुंच रहे हैं.
