भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल के सरकारी कॉलेजों और कल्याण छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक व बुनियादी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बिहार सरकार ने बड़ी पहल की है. सरकार के निर्देशानुसार अनुमंडल स्तर पर 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 25 अगस्त से होगी. इस शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राओं द्वारा दर्ज कराई गई प्रत्येक शिकायत का अनिवार्य रूप से 30 दिनों के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा.
हर महीने के चौथे मंगलवार को आयोजित होगा शिविर
कहलगांव अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी मन्नू कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष शिविर प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को आयोजित किया जाएगा. यदि उस दिन कोई सरकारी अवकाश रहता है, तो शिविर अगले कार्य दिवस को स्वतः आयोजित होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकतम 30 दिनों के अंदर समाधान की समय-सीमा तय की गई है, जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
ऑनलाइन पोर्टल और हेल्प डेस्क पर दर्ज होंगी ये समस्याएं
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' भी विकसित किया गया है. छात्र शिविर में उपस्थित होकर अथवा पोर्टल के जरिए निम्नलिखित समस्याओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे:
- नियमित कक्षाओं का संचालन न होना एवं शिक्षकों की अनुपस्थिति
- परीक्षा फॉर्म, एडमिट कार्ड या परीक्षा परिणाम में अनावश्यक देरी
- संस्थानों द्वारा की जाने वाली अवैध फीस वसूली
- हॉस्टल में बिजली, शुद्ध पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की अव्यवस्था
- प्रयोगशाला (लैब), लाइब्रेरी और कक्षाओं में बैठने के बुनियादी इंतजामों की कमी
- निजी कोचिंग संस्थानों से संबंधित नियम उल्लंघन और समस्याएं
अनुमंडल के इन प्रमुख शिक्षण संस्थानों में लगेंगे कैंप
अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी के अनुसार, यह शिविर कहलगांव अनुमंडल क्षेत्र के निम्नलिखित संस्थानों में लगाए जाएंगे:
- सभी सरकारी एवं अंगीभूत डिग्री कॉलेज
- राजकीय नर्सिंग स्कूल
- पिछड़ा वर्ग (BC), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी छात्रावास
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV)
- मुख्यमंत्री आवासीय विद्यालय
शिविर स्थलों पर बाकायदा हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सीधे की जाएगी.
त्रिस्तरीय निष्पादन व्यवस्था, असंतुष्ट होने पर मुख्यमंत्री से अपील
शिकायतों के पारदर्शी और प्रभावी निवारण के लिए तीन स्तरों (L-1, L-2 और L-3) पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है. यदि कोई छात्र स्थानीय स्तर पर मिले समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे राज्य स्तर पर अपील करने का अधिकार होगा. ऐसे विद्यार्थी प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनता दरबार में सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रख सकेंगे.
