सेंट जोसफ स्कूल, पकड़तल्ला (कहलगांव) में अनियमितता के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग स्कूल प्रबंधन ने की है. स्कूल के सचिव फादर रिजेस ने इस बाबत जिलाधिकारी को सौंपे गये आवेदन में कहा है कि एसडीओ ने जो जांच की है, उस पर स्कूल प्रबंधन को आपत्ति है. पूरी जांच प्रक्रिया की जांच के लिए एक स्वतंत्र टीम का गठन हो. प्रशासनिक जांच में स्कूल की ओर से पूरा सहयोग किया जायेगा. सचिव रिजेस ने बताया कि एसडीओ ने पुलिस बल व अन्य अधिकारियों के साथ स्कूल पहुंच कर कथित आरोपों की जांच की थी. बिना सूचना के स्कूल में जांच करने, जांच के तरीके और जांच करने का कारण नहीं बताने पर उन्हें आपत्ति है. अगर यह जांच सही तरीके से हुई होती, तो स्कूल प्रशासन को जांच में सहयोग करने का मौका मिलता. इस वजह से जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि रेड की कानूनी वैधता और उसके बाद की प्रक्रिया की जांच हो. स्कूल के विरुद्ध की गयी शिकायत की असलियत का पता लगाया जाये. डीएम को दिये पत्र में कहा गया है कि कथित शिकायत की कोई कॉपी किसी भी स्टेज पर नहीं दी गयी और रेड करने का कोई कारण भी नहीं बताया गया. इससे भारत के संविधान के आर्टिकल 19(1)(ए) और 21 के तहत मिले सूचना के बुनियादी अधिकार का उल्लंघन हुआ, जो भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग फैसलों के हिसाब से एक तय कानून है. रेड के दौरान, टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ से पूछताछ की गयी और प्रिंसिपल को वहां मौजूद रहने की इजाज़त नहीं दी गयी. इस तरह की कार्रवाई से प्रोसीजरल फेयरनेस और ट्रांसपेरेंसी को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं. ज्ञात हो कि चार सदस्यीय जांच कमेटी ने सेंट जोसफ स्कूल में महिला सुरक्षा, शिक्षकों के साथ व्यवहार, वेतन कटौती, सीसीटीवी कैमरे का उपयोग, पुस्तक व ड्रेस बिक्री और छात्रों से अवैध शुल्क वसूली से संबंधित आरोपों की जांच की गयी थी.
Bhagalpur news सेंट जोसफ प्रबंधन को एसडीओ की जांच रिपोर्ट पर आपत्ति, डीएम को सौंपा आवेदन
सेंट जोसफ स्कूल, पकड़तल्ला (कहलगांव) में अनियमितता के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग स्कूल प्रबंधन ने की है.
