समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. इसमें जनगणना के तहत मकान सूचीकरण और कृषक पंजीकरण अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने प्रखंडवार मकान सूचीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी अपनी देखरेख में जनगणना कार्य में तेजी लायें. उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कार्य समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिया.
कृषक पंजीकरण अभियान पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन किसानों की जमीन की जमाबंदी हो चुकी है, उनका पंजीकरण अनिवार्य रूप से होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले छह-सात वर्षों की सभी जमाबंदी के साथ उपलब्ध हैं, जिन्हें सत्यापित कर पोर्टल पर अपलोड किया जा सकता है. कर्मचारी और सीओ को सख्त निर्देश दिया कि उनके लॉगिन में लंबित सभी जमाबंदी सत्यापन के कार्यों को निष्पादित कर दिया जाये. अंचलाधिकारियों को अपने कर्मचारियों से इस आशय का प्रमाण पत्र लेना होगा कि कोई भी मामला लंबित नहीं है. इसके बाद अपर समाहर्ता जिलाधिकारी की गोपनीय शाखा को समेकित रिपोर्ट सौंपेंगे. बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भौतिक रूप से मौजूद थे, जबकि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे.
