प्रखंड के सोनवर्षा वार्ड संख्या चार निवासी 45 वर्षीय रितेश कुमार की मौत छत्तीसगढ़ स्थित मेदांता पावर प्लांट में सोमवार को हुए बॉयलर ब्लास्ट में हो गई.
घटना की सूचना जैसे ही परिजनों और गांववासियों को मिली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. गुरुवार को जब रितेश का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया. बताया जाता है कि रितेश पिछले लगभग 20 वर्षों से उक्त पावर प्लांट में वेल्डर के पद पर कार्यरत थे और अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे. मृतक के पिता सुखदेव ने बताया कि सोमवार को रितेश कुमार नियमित रूप से काम पर गए थे और दोपहर में भोजन करने के बाद अपने कमरे में आराम करने पहुंचे ही थे कि अचानक प्लांट परिसर में जोरदार विस्फोट हो गया. विस्फोट इतना भयावह था कि किसी को कुछ सोचने तक का भी मौका नहीं मिला. घटना की सूचना कंपनी प्रबंधन की ओर से बाद में परिजनों को दी गई. मृतक दो भाइयों में बड़े थे और अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं. परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी. उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में भी लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं और हर कोई परिवार को सांत्वना देने में लगा हुआ है. घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि अजय कुमार उर्फ लाली को इसकी जानकारी दी. मुखिया प्रतिनिधि के सहयोग से आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर गुरुवार को लगभग 12 बजे रितेश कुमार का शव उनके पैतृक आवास सोनवर्षा लाया गया. ग्रामीणों ने बताया कि रितेश कुमार मिलनसार और मेहनती स्वभाव के व्यक्ति थे तथा लंबे समय से बाहर रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे.