बाल श्रमिक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष का फेसबुक हैक, फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को चूना लगाने का प्रयास, केस दर्ज

बाल श्रमिक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष का फेसबुक हैक, फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को चूना लगाने का प्रयास, केस दर्ज

राजीव कांत मिश्रा के लिखित आवेदन पर खुद को सीआरपीएफ अफसर बताने वाला संतोष नामजद बिहार बाल श्रमिक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष सह शिक्षाविद राजीव कांत मिश्रा का फेसबुक हैक हो गया है. उनके प्रोफाइल का इस्तेमाल कर हैकर उनके फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को प्रलोभन देकर साइबर ठगी का प्रयास कर रहे हैं. इस बात की जानकारी मिलने के बाद राजीव कांत मिश्रा ने तुरंत साइबर थाना से संपर्क किया और हैकर की तलाश कर उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए आवेदन दिया. आवेदन के आधार पर साइबर थाना की पुलिस ने खुद को सीआरपीएफ पदाधिकारी बताने वाले संतोष नामक व्यक्ति के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश भी शुरू कर दी है. साइबर थाना को दिये गये आवेदन में राजीव कांत मिश्रा ने उल्लेख किया है कि फेसबुक अकाउंट हैक कर उन्हें परेशान किया जा रहा है. उनके फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों से पैसों की डिमांड भी हैकर के द्वारा की जा रही है. कुछ सामानों की फोटो भेज कर उनके फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को प्रलोभन देने की कोशिश कर रहा है. उनकी आइडी से भेजे गये मैसेज में संतोष नामक व्यक्ति जोकि सीआरपीएफ अफसर है उसे उनका दोस्त बता रहा है. घर के सामानों को सस्ते दाम में बेचने का प्रलोभन देकर कई लोगों से पैसों की डिमांड भी कर चुका है. 2018 में डॉ हेमशंकर शर्मा और 2020 में डॉ प्रदीप सिंघानिया का हो चुका है फेसबुक हैक इससे पूर्व भी शहर के कई गणमान्य लोगों के फेसबुक प्रोफाइल हैक कर इसी तरह से लोगों को जरूरत बता या किसी प्रकार का प्रलोभन देकर उनके फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों से पैसे ऐंठने का प्रयास किया जा चुका है. इसको लेकर वर्ष 2018 में शहर के चिकित्सक डॉ हेमशंकर शर्मा और वर्ष 2020 में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ प्रदीप सिंघानिया ने तिलकामांझी थाना में आवेदन देकर अज्ञात साइबर ठगों के विरुद्ध केस दर्ज कराया था. पर भागलपुर पुलिस अब तक उन मामलों का न तो खुलासा कर सकी और न ही हैकरों के बारे में कोई भी जानकारी निकाल सकी है. इस तरह के कई मामले शहर के विभिन्न थानों में दर्ज हैं. जोकि अब तक लंबित हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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