Bhagalpur News: भागलपुर के एसएम कॉलेज में लंबे समय बाद हुए शिक्षक संघ चुनाव में बड़ा बदलाव देखने को मिला. शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न चुनाव के बाद डॉ नाहिद इरफान को अध्यक्ष और डॉ मधु कुमारी को सचिव चुना गया. इस चुनाव के साथ ही कॉलेज में भुस्टा (विश्वविद्यालय शिक्षक संघ) के अंतर्गत शिक्षक संगठन का विस्तार भी हो गया. हालांकि मतदान से पहले और चुनाव प्रक्रिया के दौरान गहमागहमी और समीकरणों में बदलाव की चर्चा पूरे परिसर में होती रही.
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कई शिक्षकों ने इसे कॉलेज की नई शुरुआत बताया, जबकि कुछ शिक्षकों ने चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर सवाल भी उठाए.
लंबे समय बाद हुआ शांतिपूर्ण चुनाव
एसएम कॉलेज के शिक्षक कक्ष में मंगलवार को शिक्षक संघ चुनाव आयोजित किया गया, जिसमें कुल 32 शिक्षकों ने भाग लिया.
अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद पर एक-एक उम्मीदवार होने के कारण दोनों पद निर्विरोध भर गए, जबकि सचिव पद पर मुकाबले की संभावना बनी हुई थी.
सचिव पद से नाम वापसी के बाद बदला पूरा समीकरण
सचिव पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन मतदान से पहले ही डॉ रेशम विजय रत्ने ने अपना नाम वापस ले लिया.
इसके बाद डॉ मधु कुमारी को सर्वसम्मति से सचिव मनोनीत कर दिया गया और मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी.
निर्विरोध चुने गए प्रमुख पदाधिकारी
अध्यक्ष पद पर डॉ नाहिद इरफान निर्विरोध चुनी गईं.
डॉ सांत्वना को उपाध्यक्ष, डॉ लक्ष्मी पांडेय और डॉ प्रीति को संयुक्त सचिव तथा डॉ कंचन प्रसाद को कोषाध्यक्ष चुना गया.
कार्यकारी सदस्यों में डॉ आशा ओझा, डॉ रेशम विजय रत्ने, डॉ प्रियंका, डॉ निशा और डॉ विक्रम सिंह को शामिल किया गया.
पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया
चुनाव प्रक्रिया टीएनबी कॉलेज के वरीय शिक्षक प्रो. मनोज कुमार, टीएमबीयू के प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, डॉ मुस्फिक आलम और सेवानिवृत्त प्रो. जगधर मंडल की मौजूदगी में संपन्न हुई.
चुनाव समिति की सदस्य डॉ श्वेता सिंह कोमल और डॉ लोकेश कुमार ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की.
प्राचार्य से की शिष्टाचार मुलाकात
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कॉलेज की प्राचार्य प्रो. निशा झा से मुलाकात की.
प्राचार्य ने सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए शिक्षक हित और महाविद्यालय के शैक्षणिक विकास के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की शुभकामनाएं दीं.
वोटर लिस्ट को लेकर शिक्षकों ने जताई नाराजगी
चुनाव के दौरान 2003 बैच की कुछ शिक्षिकाओं ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताई.
चुनाव समिति की ओर से स्पष्ट किया गया कि जिन शिक्षकों ने संघ में सहयोग राशि जमा नहीं की थी, उनके नाम सूची में शामिल नहीं किए गए.
इस मुद्दे को लेकर काफी देर तक शिक्षकों के बीच बहस और गहमागहमी की स्थिति बनी रही.
Bhagalpur News: जल्दबाजी में चुनाव कराने पर भी उठे सवाल
कुछ शिक्षकों ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया बहुत कम समय में पूरी कर दी गई, जिससे इच्छुक उम्मीदवार आवेदन तक नहीं कर सके.
उनका कहना था कि आवेदन, नाम वापसी और मतदान के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था.
इसके अलावा कुछ शिक्षक प्रतिनियुक्ति के कारण चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं ले सके, जिससे संगठन के भीतर असंतोष की चर्चा भी रही.
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