नवगछिया जीरोमाइल चौक पर बुधवार की देर रात वज्रपात के बाद शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गयी. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और चौक पर स्थित आधा दर्जन दुकानें धू-धू कर जलने लगीं. घटना में लाखों नहीं बल्कि करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जल कर राख हो गयी.
स्थानीय लोगों के अनुसार रात करीब एक बजे तेज बारिश व वज्रपात में बिजली का तार दुकान के ऊपर गिर गया, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गयी. आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिल सका. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग को दी गयी, लेकिन दमकल वाहन लगभग आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचा. तब तक आग पूरी तरह विकराल रूप ले चुकी थी. स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, जिससे आग को आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने से रोका जा सका. पीड़ित दुकानदार मो गुल्फराज आलम उर्फ गोलू ने बताया कि उनकी “गोलू वर्क शॉप” पूरी तरह जलकर राख हो गया. दुकान में रखे दो जनरेटर, चार वेल्डिंग मशीन, छह नये रेडिएटर समेत ग्राइंडर और अन्य उपकरण जल गये. उन्होंने कहा कि दुकान से एक भी सामान नहीं बचाया जा सका. जय मां तारा स्पेयर्स पार्ट्स के संचालक ने बताया कि उनकी दुकान में करीब 40 लाख रुपये का सामान रखा था, जो आग में पूरी तरह नष्ट हो गया. घटना में जिन दुकानों को भारी नुकसान हुआ उनमें अनुभव राय की दुकान, सुमन ग्लास , गोलू वेल्डिंग, महादेव दुकान, धनंजय राय सहित कुल छह दुकानें शामिल हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक सभी दुकानों को मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है. तेतरी पंचायत के मुखिया प्रशांत कुमार तत्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रशासन से पीड़ित दुकानदारों को उचित मुआवजा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि गरीब और मेहनतकश दुकानदारों की वर्षों की कमाई एक रात में राख हो गयी है. इधर अग्निशमन विभाग ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की टीम तुरंत रवाना हुई थी. विभाग के अनुसार घटनास्थल पर एक बड़े वाटर टेंडर और चार एमटी वाहन भेजे गये, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया. घटना के बाद पूरे जीरोमाइल चौक इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. जिन दुकानों में रोज चहल-पहल रहती थी, वहां अब सिर्फ राख और जले सामान दिखाई दे रहे हैं. पीड़ित दुकानदार प्रशासन से आर्थिक सहायता और नुकसान के आकलन की मांग कर रहे हैं. यह अग्निकांड एक बार फिर बिजली व्यवस्था और आपदा के दौरान त्वरित राहत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे है. लोगों का कहना है कि अगर दमकल विभाग समय पर पहुंच जाता, तो नुकसान काफी कम हो सकता था.
