bhagalpur news. आज सिल्क सिटी मनायेगा दीपोत्सव, दिवाली बाजार रहा बूम

दीपावली को लेकर दीया-बाती, सजावटी समान, फूल, चीनी के खिलौने व पूजन सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ी.

दीपावली को लेकर दीया-बाती, सजावटी समान, फूल, चीनी के खिलौने व पूजन सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ी. रविवार को छुट्टी के दिन होने पर लोगों को और सुविधा हुई और दिनभर बाजार में लोगों की भीड़ रही. सोमवार को शहर, गांव व घर-घर रोशनी का त्योहार दिवाली मनायी जायेगी. सूजागंज, अग्रसेन चौक, लोहापट्टी, सब्जी बाजार, तिलकामांझी, मिरजानहाट, अलीगंज, घंटाघर समेत मुख्य बाजार के फुटपाथ पर मिट्टी का दीया, कुप्पी, धुपौड़ी व खिलौने के स्टॉल सजाये गये थे. सजावटी सामान की दुकान झालरों से पटा हुआ था, जो खुद में सजा हुआ दिख रहा था. शहर में इन दुकानों से डेढ़ करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ. लोहिया (उल्टा) पुल से लेकर लोहापट्टी, वेराइटी चौक, आनंद चिकित्सालय के आसपास सनसनाठी 20 से 40 रुपये मुट्ठा व मिट्टी का दीया 100 से 200 रुपये सैकड़ा मिल रहा था. इसके अलावा अन्य सजावटी दीपक 200 रुपये पीस तक बिके.

इलेक्ट्रॉनिक झालरों के बाजार में खचाखच रही भीड़

इलेक्ट्रॉनिक झालर बाजार शाह मार्केट, बाल सुबोधिनी पाठशाला गली, गुरुद्वारा रोड आदि में ओम, स्वास्तिक, जय माता दी, शुभ दीपावली, सजावटी गुलदस्ता, लाइट फूल की लड़ियां खूब बिके. इलेक्ट्रॉनिक झालर 60 से लेकर 600 रुपये लड़ी बिक रहे थे. इस बार भी पानी वाला इलेक्ट्रॉनिक दीया, झूलता हुई धातु की प्रतिमा का क्रेज रहा. लाइट जहां 50 से लेकर 200 रुपये तक, तो झूलता धातु की प्रतिमा 1100 से 5000 रुपये तक बिके.

गोबर के दीयों की भी हुई ब्रांडिंग

रंग-बिरंगी व डिजाइनर मोमबत्ती का क्रेज बरकरार रहा. वहीं इस बार गोबर के रंग-बिरंगे दीयों की खूब बिक्री हुई. 50 रुपये पीस तक ये दीये बिके. गोबर के दीयों की जगह-जगह ब्रांडिंग की गयी. मंजूषा से सजाया गया, तो अलग-अलग आकर्षक पेटिंग की गयी.

लगातार बारिश के कारण फूल की फसल बर्बाद

पिछले साल से इस बार फूल की कीमत तीनगुनी तक बढ़ गयी. फूल कारोबारी आशीष कुमार ने बताया कि इस बार लाल गेंदा 800 रुपये कूड़ी, पीला 1000 रुपये कूड़ी, रजनीगंधा 1600 रुपये सैकड़ा, गुलाब 1000 रुपये सैकड़ा, कमल 40 रुपये पीस, मुरली माला 80 रुपये जोड़ा तक बिके. इस बार फूल उत्पादक क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण फूल की फसल खराब हो गयी. जबकि बेंगलुरु, तमिलनाडू व कोलकाता से भी फूल मंगाये गये. फिर भी भागलपुर बाजार समेत पूरे जिले में 40 लाख से अधिक का फूल का कारोबार हुआ. फूल कारोबारी गणेश मालाकार ने बताया कि लोगों को दुकान व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान सजाने के लिए लाल गेंदा फूल अधिक अच्छा लगा. इसके अलावा पीला गेंदा, गुलाब व मुरली माला की बिक्री हुई.

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Author: ATUL KUMAR

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