नगर निगम: बगैर ट्रेड लाइसेंस दुकान, विवाह भवन, क्लीनिक चलाने वालों के खिलाफ चल रहा है अभियान
ललित किशोर मिश्रभागलपुर : आवासीय भवन में दुकान या रिहायश के लिए किराया लगाने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है. ऐसा करने वाले लोग नगर निगम को आवासीय होल्डिंग टैक्स देकर राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं. जबकि ऐसे भवनों मालिकों को नियम के अनुसार कॉमर्शियल होल्डिंग का टैक्स लगना चाहिए. निगम ने ऐसे भवनों के लिए अभियान चला रखा है. वैसे यह नियम पहले से था, लेकिन न तो शहर के लोग इसके प्रति गंभीर रहे और न ही नगर निगम ने इस दिशा ठोस कदम उठाया.
अब नगर आयुक्त ने इस नियम को कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है. उन्होंने हर वार्ड में ऐसे मकान को चिन्हित कर लिस्ट तैयार करने को कहा है. इतना ही नहीं आवासीय मकान में बगैर ट्रेड लाइसेंस दुकान चलाने वाले को भी सूची तैयार की जा रही है. हालांकि, इसके प्रति निगम लगातार लोगों को जागरूक भी कर रहा है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि दुकान सील करने की कार्रवाई हो सकती है. माॅल, विवाह भवन, छात्रावास, प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक, किराना दुकानदार, पान की दुकान, चाय की दुकान चलाने वाले ट्रेड लाइसेंस के दायरे में आते हैं.– एक माह में नौ साै के करीब लोगों ने दिया ट्रेड लाइसेंस के लिए आवेदन
अभियान चलाने के पहले निगम के रजिस्ट्रर में दर्ज ट्रेड लाइसेंस की संख्या छह हजार आगे नहीं बढ़ रही थी. अभियान चलने के बाद फरवरी माह में करीब नौ साै के लोगों ने ट्रेड लाइसेंस के लिए आवेदन दिया है. इसमें बड़ी संख्या किराना दुकान व विवाह भवन वाले हैं. इस अभियान के बाद आवासीय मकान में लॉज चलाने वालों ने ट्रेड लाइसेंस के लिए कुछ दिन का समय मांगा है.– 81 हजार होल्डिंग टैक्स में लगभग चालीस हजार कॉमर्शियल
निगम क्षेत्र में 81 हजार होल्डिंग हैं. जिससे निगम टैक्स की वसूली करता है. निगम के आय का यह सबसे बड़ा स्रोत है. 81 हजार में से 40 हजार होल्डिंग कॉमर्शियल है. निगम के ट्रेड लाइसेंस शाखा प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि माॅल, विवाह भवन, छात्रावास, प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक, किराना दुकानदार, पान की दुकान, चाय की दुकान चलाने वाले ट्रेड लाइसेंस लाइसेंस लेना होगा, ऐसे नहीं करने वालों का संस्थान सील किया जायेगा.
– बड़ी संख्या में आवासीय भवन का हो रहा है कॉमर्शियल यूज
बड़ी संख्या में लोग निगम की आंखों में धूल झाेंक कर आवासीय भवन का कॉमर्शियल यूज कर रहे हैं. बरारी, तुलसीनगर, आनंदगढ़ कॉलोनी, तिलकामांझी, जीरो माइल, सुरखीकल, खंजरपुर, आदमपुर सहित शहर लगभग सभी मोहल्ले में आवासीय भवन का कॉमर्शियल यूज हो रहा है.आवासीय मकान में दुकान, किरायेदार, टावर, होर्डिंग्स आदि लगे हैं. यहां तक कि कई मोहल्ले में आवासीय मकान में स्कूल भी चला रहे हैं.
