bhagalpur news. जनगणना के भाषा फॉर्म में संस्कृत का करें चयन : डॉ नयन

जनगणना कार्य के लिए सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है

जनगणना कार्य के लिए सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके बाद प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनगणना करने की प्रक्रिया आरंभ होगी. प्रखंड के चन्नों निवासी संस्कृत भारती बिहार प्रान्त के सक्रिय सदस्य उच्च माध्यमिक आचार्य डॉ नयन तिवारी लोगों से जनगणना में संस्कृत भाषा का चयन करने की अपील की है. उनका कहना है कि भारतीय जनगणना मात्र आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान का प्रतिबिंब भी है. जब हम भाषा का चयन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति, मूल्यों और परंपरा का भी चयन करते हैं. संस्कृत हमारी सभ्यता की आत्मा है और इसकी प्रासंगिकता आज भी उतनी ही है जितनी प्राचीन काल में थी. यह भाषा न केवल धर्मग्रंथों की आधारशिला है, बल्कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक में भी इसकी उपयोगिता सिद्ध हो चुकी है. वर्ष 2011 की जनगणना में संस्कृत हाशिए पर चला गया था, जिससे यह प्रतीत होता है कि सरकारें संस्कृत भाषा के विकास और संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >