कहलगांव: संत रविदास की 650वीं जयंती पर 'समरसता संकल्प अभियान' का शंखनाद, निकली भव्य कलश यात्रा

कहलगांव प्रखंड में श्री गुरु संत रविदास की 650वीं जयंती पर 'समरसता संकल्प अभियान' की भव्य शुरुआत हुई. इस महाभियान का उद्देश्य अनुसूचित जाति के टोलों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है. 27 अगस्त से हर गुरुवार 'रविदास विकास शिविर' लगेंगे, जहाँ 22 योजनाओं का लाभ मिलेगा.

भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड में श्री गुरु संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को 'समरसता संकल्प अभियान' की भव्य शुरुआत की गई. इस महाभियान का आगाज प्रखंड कार्यालय परिसर से एक विशाल कलश यात्रा निकालकर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर हिस्सा लिया. बिहार महादलित विकास मिशन के निर्देश पर शुरू किया गया यह अभियान 15 फरवरी 2027 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के टोलों को शत-प्रतिशत सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है.

अधिकारियों के नेतृत्व में निकली कलश यात्रा

प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित 'लोहिया भवन' के सामने से निकली इस भव्य कलश यात्रा का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) राजीव रंजन, बीपीआरओ अमित राज और बीडब्ल्यूओ सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से किया. यात्रा के दौरान बीडीओ राजीव रंजन ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य अनुसूचित जाति टोलों में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं से पूरी तरह आच्छादित करना है. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे.

27 अगस्त से हर गुरुवार लगेंगे 'रविदास विकास शिविर'

इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है. आगामी 27 अगस्त से प्रखंड के सभी अनुसूचित जाति टोलों में प्रत्येक गुरुवार को 'रविदास विकास शिविर' का आयोजन किया जाएगा. इन विशेष शिविरों में ग्रामीणों को मौके पर ही राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना (गैस कनेक्शन), आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम आवास योजना, विभिन्न प्रकार की पेंशन, आधार कार्ड अपडेट और कौशल विकास सहित कुल 22 प्रमुख सरकारी योजनाओं का लाभ मुहैया कराया जाएगा. इन शिविरों से आम लोगों को अब सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.

खेलकूद, एआई प्रशिक्षण और बनेंगे 'रविदास हाउस'

इस अभियान के तहत सिर्फ बुनियादी और आर्थिक योजनाओं का लाभ ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि युवाओं और बच्चों के शारीरिक व बौद्धिक विकास पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है. अभियान की रूपरेखा के अनुसार, ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ ही, आज के तकनीकी युग की मांग को देखते हुए युवाओं के लिए एआई-3डी (AI-3D) कौशल प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी. इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के सभी अंबेडकर विद्यालयों में विशेष रूप से 'रविदास हाउस' की भी स्थापना की जाएगी, ताकि संत रविदास के सामाजिक समरसता के विचार और उनके उच्च आदर्श नई पीढ़ी तक आसानी से पहुंच सकें.


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By Rishi Kant

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