Bhagalpur News: झारखंड सरकार के उद्योग मंत्री और गोड्डा से विधायक संजय यादव मंगलवार को वर्ष 2009 के आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में भागलपुर स्थित MP-MLA कोर्ट पहुंचे. उन्होंने अदालत में भौतिक उपस्थिति दर्ज कराई और सुनवाई में हिस्सा लिया. कोर्ट से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कोई नया वारंट जारी नहीं हुआ है और वह न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रहे हैं.
करीब 17 साल पुराने इस मामले की सुनवाई स्पीड ट्रायल के तहत चल रही है. मंत्री संजय यादव का कहना है कि यह मामला एक पारंपरिक धार्मिक आयोजन से जुड़ा है, जिसे राजनीतिक गतिविधि से जोड़कर दर्ज किया गया था.
क्या है 2009 का मामला
संजय यादव ने बताया कि वर्ष 2009 में ढाका मोड़ स्थित उनके आवासीय परिसर में पारंपरिक चैती दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया था. उसी दौरान चुनाव की घोषणा होने के कारण आदर्श आचार संहिता लागू थी.
उन्होंने कहा कि पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने के आधार पर उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया. उनके अनुसार यह आयोजन उनके परिवार की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा था और इसका किसी चुनावी या राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं था.
मंत्री ने वारंट को लेकर दी सफाई
कोर्ट परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय यादव ने स्पष्ट किया कि अदालत ने उनके खिलाफ कोई नया वारंट जारी नहीं किया है. उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने वाले गवाहों के खिलाफ न्यायालय ने वारंट जारी किया है.
उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई स्पीड ट्रायल के तहत चल रही है और वह नियमित रूप से न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए अदालत के समक्ष उपस्थित हो रहे हैं.
राजनीतिक साजिश का लगाया आरोप
संजय यादव ने आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजन को राजनीतिक और चुनावी गतिविधि से जोड़कर उनके खिलाफ मामला बनाया गया. उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि चैती दुर्गा पूजा उनके परिवार की लंबे समय से चली आ रही धार्मिक परंपरा है.
उनके अनुसार उस आयोजन का किसी चुनाव प्रचार या राजनीतिक कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था, लेकिन परिस्थितियों के आधार पर मामला दर्ज कर दिया गया.
Bhagalpur News: न्यायपालिका पर जताया भरोसा
मंत्री संजय यादव ने कहा कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि अदालत की प्रक्रिया के अनुसार आगे भी सहयोग करते रहेंगे और न्यायालय जो भी निर्देश देगा, उसका पालन करेंगे.
यह मामला अब भी MP-MLA कोर्ट में लंबित है और इसकी सुनवाई आगे भी निर्धारित तिथि पर जारी रहेगी.
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