Bhagalpur News: मिनी मार्केट : 150 दुकानों से लाखों के राजस्व की वसूली, मूलभूत सुविधाएं नगण्य

वार्ड 37 अंतर्गत मुंदीचक स्थित मिनी मार्केट में सुविधाओं का घोर अभाव है. रोजाना एक करोड़ रुपये का कारोबार करने वाला यह मिनी मार्केट पानी, सफाई, शौचालय आदि सुविधाओं के लिए तरस रहा है.

प्रभात खबर आपके द्वार

– मुंदीचक स्थित कृषि बाजार समिति अंतर्गत मिनी मार्केट में प्रभात खबर आपके द्वार में दुकानदारों व ग्राहकों ने सुनायी अपनी व्यथा

वरीय संवाददाता, भागलपुर

वार्ड 37 अंतर्गत मुंदीचक स्थित मिनी मार्केट में सुविधाओं का घोर अभाव है. रोजाना एक करोड़ रुपये का कारोबार करने वाला यह मिनी मार्केट पानी, सफाई, शौचालय आदि सुविधाओं के लिए तरस रहा है. जबकि यहां से सरकार को 150 दुकानों से प्रतिमाह 56 हजार रुपये का राजस्व भी आता है. शनिवार को प्रभात खबर आपके द्वार में यहां के दुकानदारों व जिले व आसपास के क्षेत्र से आने वाले ग्राहकों ने समस्याओं से अवगत कराया. यहां बारिश में जल जमाव और कीचड़ बन जाना सबसे समस्या होती है. यह मार्केट आलू-प्याज का एक बड़ा केंद्र है और इससे लाखों रुपये का राजस्व भी प्राप्त होता है लेकिन सुविधाओं के अभाव के कारण ग्राहकों और विक्रेताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

यहां तक फैला है कारोबार

पूरे शहर की छोटी मंडी हो या अन्य किराना दुकानें सभी को मिनी मार्केट से ही आलू-प्याज सप्लाई होती है. नासिक, लखीसराय व पटना से प्याज, वर्धमान, हंसडीहा आदि स्थानों से आलू पहले मिनी मार्केट के कारोबारी के पास ही आता है. यहां से बांका, जगदीशपुर, रजौन, पुनसिया, नवगछिया, बिहपुर समेत शहर के विभिन्न स्थानों पर सप्लाई होती है.

आलू व प्याज का होता है सर्वाधिक कारोबार

यहां से रोजाना 50 लाख रुपये की मछली, केला आदि का कारोबार होता है. इसके अलावा अलग-अलग मौसम में अलग-अलग फल जैसे पपीता, अनानास, तरबूज, आम, केला, नारियल डाब आदि की भी बिक्री होती है. यहां 50 आलू-प्याज की दुकानें, 40 मछली की दुकानें, 10 फल व लहसुन की दुकानें हैं. यहां से सभी चीजों का थोक कारोबार होता है.

सालभर में चोरी की हो चुकी है 50 से अधिक घटनाएं

मिनी मार्केट में सुरक्षा व रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. सुरक्षा गार्ड की मांग की गयी लेकिन नहीं मिला. वर्ष 2016 में तत्कालीन एसडीएम कुमार अनुज की ओर से यहां गार्ड तैनात किये गये थे. उनके जाने के बाद उसे हटा लिया गया. अब तो समय पर गश्ती भी नहीं होती है. सालभर में चोरी की 50 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं. किसी दुकानदार का छोटा धर्मकांटा चोरी हो गया, तो किसी का आलू व प्याज की बोरी ही गायब हो जाता है.

पेयजल के लिए है एक प्याऊ, स्थानीय लोगों की लगती है भीड़

पेयजल की सुविधा के लिए चार साल पहले एक प्याऊ बनाया गया, जहां स्थानीय लोगों की भीड़ लगी रहती है. ऐसे में दुकानदार व ग्राहकों का पानी लेना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में यहां के दुकानदारों को जार वाला पानी खरीदना पड़ता है, दुकानदारों का कहना है कि पानी पीने के लिए घर से लाना पड़ता है या खरीद कर पीना पड़ता है. यहां जल निकासी की सुविधा नहीं होने से जलजमाव व कीचर हो जाता है. मिनी मार्केट में नाम का शौचालय है, जो वर्षों से जर्जर है. इसमें शौच के लिए जाने के लिए एक बार लोगों को सोचना पड़ता है. इतना ही नहीं अब तो शौचालय परिसर में बाहरी लोगों का अतिक्रमण भी हो जाता.

नगर निगम की ओर से सफाई की नहीं है समुचित व्यवस्था

वार्ड 37 में यह मार्केट आता है. कई बार मिन्नत करने के बाद सफाई होती है. नियमित सफाई नहीं होने से कूड़े व गंदगी का अंबार लग जाता है. हमेशा महामारी फैलने का डर बना रहता है. मछली का वेस्टेज चारों तरफ सड़ांध फैलाती है. दुकानदार, ग्राहक व आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है. यह एक दिन की बात नहीं, बल्कि सालोभर यही स्थिति रहती है.

मिनी मार्केट के दुकानदारों व ग्राहकों का दर्द

———————पानी पीने के लिए घर से लाना पड़ता है. सफाई व्यवस्था इतनी बदतर है कि महीनों तक कचरा फैला रहता है. अभी भी यही स्थिति है.

दिलीप कुमार, आलू-प्याज कारोबारी

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25 वर्षों से मिनी मार्केट में आलू-प्याज का कारोबार कर रहे हैं. पहले सफाई की सुविधा थी लेकिन अब कोई सुविधा नहीं है.

छोटेलाल साह, आलू-प्याज कारोबारी

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1983 से दुकानदारी कर रहे हैं. बाजार समिति के तहत मिनी मार्केट होने पर सभी चीजों की सुविधा थी. अब कोई सुविधा नहीं है.

अजय कुमार, सचिव, मिनी मार्केट समिति

————-सफाई व्यवस्था का जिम्मा पार्षद के पास है. पार्षद को बार-बार कहने पर सफाई होती है. इस बार थोड़ी देरी हो गयी है. सड़ांध फैल रही है.

शालीग्राम साह, आलू-प्याज कारोबारी

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मिनी मार्केट में चोरी की घटना बढ़ गयी है, सालभर में 50 से अधिक घटनाएं हो गयी, लेकिन इसको लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है.

राजकुमार साह, दुकानदार

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पानी निकासी की सुविधा नहीं है. इससे दुकानदारों व ग्राहकों को थोड़ी सी बारिश में भी जलजमाव की समस्या का सामना करना पड़ता है.

मो जावेद, आलू-प्याज के बड़े ग्राहक, कहलगांव

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मिनी मार्केट में प्रायः कूड़े का ढेर लगा रहता है. इससे चारों तरफ का माहौल खराब रहता है. बाहर के लोग आना नहीं चाहते हैं.

कृष्ण कुमार वर्मा, दुकानदार

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मिनी मार्केट में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो. चारों तरफ मच्छर का प्रकोप है. शौचालय है लेकिन जाना मुश्किल है.

लाला प्रसाद गुप्ता, दुकानदार

———–जब तक मिनी मार्केट बाजार समिति के तहत था, तब तक सारी सुविधाएं थी. मिनी मार्केट की सड़क भी जर्जर हो गयी है.

अमरशांत कुमार, दुकानदार

———–शौचालय की बड़ी समस्या है. सार्वजनिक शौचालय भी आसपास नहीं है, जबकि रोजाना हजारों ग्राहक आते हैं. ऐसे में बहुत परेशानी होती है.

रंजीत साह, आलू-प्याज कारोबारी

———मिनी मार्केट के आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण से रास्ता संकरा हो गया है. गाड़ी आने व वापस जाने में दिक्कत होती है.

पप्पू बिहारी, दुकानदार

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मिनी मार्केट पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है. केवल पुलिस अपना रौब दिखाती है. रास्ता भी सुगम नहीं है. सुरक्षा व्यवस्था देने की जरूरत है.

अशोक वर्मा, दुकानदार

———–मिनी मार्केट नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है. फिर इसी से चोरी होती है.

चंदन बिहारी, दुकानदार

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बाजार का विस्तारीकरण जरूरी है. यहां का कारोबार व्यापक हो गया है. ऐसे में भीड़ बढ़ गयी है. सुविधाएं नहीं बढ़ायी गयी.

आकाश बिहारी, दुकानदार

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1983 से कृषि बाजार समिति से यह मार्केट संचालित है. सभी दुकानदार राजस्व देते हैं, लेकिन इसके विपरीत कोई सुविधा नहीं दी जा रही है.

शंकर साह, दुकानदार

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यहां से 100 किलोमीटर दूर के दुकानदार आलू-प्याज खरीद कर ले जाते हैं. मछली, केला, नारियल आदि की भी बिक्री होती है. सुविधाएं जीरो है.

गुड्डू साह, आलू-प्याज कारोबारीB

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Author: SANJIV KUMAR

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