भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट : बिहार की महत्वपूर्ण सुल्तानगंज-कटोरिया रेल परियोजना को लेकर एक बार फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं. सुल्तानगंज में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए चिन्हित जमीन का कुछ हिस्सा रेल योजना क्षेत्र में आने के कारण रेलवे विभाग ने इस परियोजना का दोबारा सर्वे शुरू किया है. पिछले माह से शुरू हुआ सर्वे कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और अधिकारियों के अनुसार अगले एक माह में इसे पूरा कर लिया जाएगा.
तैयार किया जायेगा नया स्टीमेट
सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना का नया स्टीमेट तैयार किया जाएगा. माना जा रहा है कि बदले हुए भूभाग और नई परिस्थितियों के अनुसार रेल लाइन के रूट और लागत में भी बदलाव संभव है.
74.80 किलोमीटर लंबी है रेल परियोजना
सुल्तानगंज-कटोरिया रेल योजना वर्ष 2007-08 में प्रस्तावित की गई थी. उस समय इस परियोजना की अनुमानित लागत 331 करोड़ रुपये तय की गई थी. योजना के तहत कुल 74.80 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जानी थी, जो भागलपुर, मुंगेर और बांका जिले के क्षेत्रों को जोड़ती. हालांकि अब तक केवल बांका से कटोरिया तक ही रेल लाइन बिछाई जा सकी है, जहां ट्रेनों का परिचालन भी हो रहा है. कटोरिया से सुल्तानगंज तक रेल लाइन निर्माण का कार्य अभी तक अधूरा है.लालू प्रसाद के कार्यकाल में आयी थी योजना
यह रेल परियोजना उस समय लाई गई थी जब लालू प्रसाद यादव देश के रेल मंत्री थे. उस समय इसे धार्मिक और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना गया था. अब एयरपोर्ट परियोजना के कारण रेल लाइन के कुछ हिस्से की जमीन प्रभावित होने से रेलवे विभाग को फिर से सर्वे करना पड़ रहा है.
