गोपालपुर : बाढ़ के दौरान किनारों तक फैलने के बाद अब गंगा का जलस्तर घट रहा है और नदी अपनी मुख्य धारा की ओर लौट रही है. इसी बीच राघोपुर के तटीय इलाके में लौटती धारा की तेज रफ्तार से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. नदी की धारा तट की मिट्टी के साथ सुरक्षा के लिए लगाये गये जियो बैग को भी खींच रही है. ब्रह्म बाबा स्थान के समीप इसका असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है.
जलस्तर घटा, लेकिन लौटती धारा ने बढ़ायी चिंता
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का पानी घटना राहत की बात है, लेकिन पानी के मुख्य धारा में लौटने के दौरान नदी की रफ्तार चिंता बढ़ा रही है. ग्रामीणों के अनुसार, पानी उतरते समय नदी जिस रास्ते से मुख्य धारा की ओर लौटती है, वहां तट पर अचानक दबाव बढ़ सकता है. इससे पहले से कमजोर तट पर कटाव का खतरा बढ़ने की आशंका है.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि धारा का दबाव इसी तरह बना रहा तो जियो बैग के गंगा में समाने का सिलसिला बढ़ सकता है. उनका मानना है कि केवल जलस्तर घटने से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता.
संवेदनशील हिस्सों पर निगरानी की मांग
ग्रामीणों के अनुसार नदी की दिशा, धारा की रफ्तार और तट की मिट्टी खिसकने की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है. खासकर उन हिस्सों की निगरानी जरूरी है, जहां बाढ़ के दौरान तट कमजोर हुआ है और जियो बैग लगाये गये हैं. ग्रामीणों ने संवेदनशील स्थानों पर समय रहते सुरक्षा उपाय करने की मांग की है.
विभाग ने कहा- स्थिति नियंत्रण में
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय, नवगछिया के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
फिलहाल ग्रामीणों की नजर गंगा की लौटती धारा के अगले रुख और तट कटाव की स्थिति पर बनी हुई है.
