सुलतानगंज : खाद की खरीदारी में किसानों को अब लंबी कतार और उपलब्धता को लेकर होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है. खाद की कालाबाजारी, टैगिंग और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री पर रोक लगाने के लिए बिहार में नयी ऑनलाइन उर्वरक वितरण प्रणाली लागू की जा रही है. नयी व्यवस्था के तहत किसान मोबाइल एप से पहले खाद की बुकिंग करेंगे और मिले क्यूआर कोड को अधिकृत विक्रेता को दिखाकर खाद प्राप्त कर सकेंगे.
प्रखंड कृषि पदाधिकारी के अनुसार यह व्यवस्था 2 अक्टूबर से पूरे बिहार में लागू होगी. इसी को लेकर बुधवार को प्रखंड कृषि कार्यालय स्थित ई-किसान भवन में खाद रिटेलरों और कृषि कर्मियों के लिए बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रखंड कृषि पदाधिकारी सत्यम राज ने नई प्रणाली की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी.
आधार से होगी ऑनलाइन बुकिंग
बीएओ ने बताया कि Framework for Fertilizer Sale एप के माध्यम से किसान अपने आधार नंबर से लॉगिन कर खाद की ऑनलाइन बुकिंग करेंगे. जिन किसानों की किसान आईडी पहले से बनी है, उनके खेत का विवरण स्वत: प्रदर्शित होगा. वहीं अन्य किसानों को खेत का विवरण खुद दर्ज करना होगा.
इस व्यवस्था का लाभ रैयती और गैर-रैयती दोनों किसान उठा सकेंगे.
फसल के हिसाब से दिखेगी खाद की अनुशंसित मात्रा
बुकिंग के दौरान किसान अपनी फसल का चयन करेंगे. इसके बाद संबंधित फसल के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की अनुशंसा के अनुसार उर्वरक की मात्रा एप पर प्रदर्शित होगी. किसान अपनी जरूरत के अनुसार मात्रा का चयन कर सकेंगे.
इसके बाद किसान को अपने नजदीकी खाद विक्रेता का चयन करना होगा. बुकिंग पूरी होने के बाद क्यूआर कोड जारी होगा. इसे विक्रेता को दिखाकर किसान खाद का उठाव कर सकेंगे.
पायलट परीक्षण में खाद की खपत 40% तक घटी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने बताया कि नयी प्रणाली का पायलट परीक्षण पहले वैशाली और शेखपुरा में किया गया था. वहां रासायनिक खाद की खपत में करीब 40 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गयी.
उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
किसानों को जागरूक करने की अपील
बीएओ ने कृषि कर्मियों और रिटेलरों से कहा कि वे अधिक से अधिक किसानों को नयी व्यवस्था की जानकारी दें, ताकि इसके लागू होने के बाद किसानों को परेशानी न हो. किसी तरह की समस्या आने पर किसान और विक्रेता किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक से संपर्क कर सकते हैं.
नयी डिजिटल व्यवस्था से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने के साथ किसानों के लिए खाद खरीदना आसान होने की उम्मीद है.
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