पुरुषोत्तम मास के आगमन के साथ ही क्षेत्र में मांगलिक कार्यों पर विराम लग जायेगा. अधिक मास की शुरुआत 17 मई से हो रही है, जो 15 जून तक चलेगा. इस दौरान डीजे बाजा, शहनाई, बारात, विवाह, गौना, तिलकोत्सव सभी शुभ कार्य स्थगित रहेंगे. 15 जून के बाद पुनः मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त प्राप्त होंगे. साहित्यवाचस्पति डॉ रामजी मिश्र रंजन ने बताया कि यह महीना भगवान विष्णु और उनके विभिन्न अवतारों की उपासना के लिए महत्वपूर्ण है. इस दौरान श्रद्धा भाव से दान, पूजा और साधना करने वाले भक्तों को भगवान श्री हरि की विशेष कृपा प्राप्त होती है. पूरे 30 दिनों तक भगवान नारायण का चिंतन, गीता पाठ और भक्ति करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती है. शास्त्रों में वर्णित है कि यदि ज्येष्ठ माह में मलमास पड़ता है, तो गंगा दशहरा का पर्व भी इसी मास की दशमी तिथि को मनाया जाता है. इस अवधि में जनेऊ, कर्णछेदन, गृह निर्माण की शुरुआत, गृह प्रवेश, व्यापार प्रारंभ और वाद्य कलारंभ जैसे कार्य नहीं किये जायेंगे. हालांकि नये वस्त्र, आभूषण, फ्लैट, मकान, टीवी, फ्रिज आदि की खरीदारी पर कोई रोक नहीं है. आवश्यक कार्य जिनका दूसरा अवसर नहीं मिलता, उन्हें किया जा सकता है.
Bhagalpur news पुरुषोत्तम मास 17 से, मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम
पुरुषोत्तम मास के आगमन के साथ ही क्षेत्र में मांगलिक कार्यों पर विराम लग जायेगा.
