विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद आवागमन को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए विभाग ने तत्काल रिस्टोरेशन की दिशा में बड़ी पहल शुरू कर दी है. इसके तहत अस्थायी बेली ब्रिज बनाकर यातायात चालू करने की योजना पर काम किया जा रहा है, जिसे बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) द्वारा तैयार किया जायेगा. बीआरओ की टीम पहले ही सेतु का निरीक्षण कर चुकी है और क्षतिग्रस्त हिस्से की लंबाई एवं चौड़ाई की माप भी ले चुकी है, ताकि तकनीकी आधार पर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सके. दो स्तर पर भेजा जायेगा अनुरोध पत्र हेडक्वार्टर स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर दो अलग-अलग अनुरोध पत्र तैयार किये जा रहे हैं. इनमें एक पत्र बीआरओ को तत्काल रिस्टोरेशन यानी बेली ब्रिज निर्माण के लिए भेजा जायेगा, जबकि दूसरा पत्र सेतु के स्थायी मरम्मत कार्य से संबंधित होगा. विभाग का उद्देश्य है कि दोनों कार्यों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जाये ताकि यातायात बहाली के साथ-साथ लंबी अवधि के लिए समाधान भी सुनिश्चित हो सके. मंत्रालय को भेजा जायेगा प्रस्ताव एनएच (साउथ) विंग, बिहार के चीफ इंजीनियर संजय भारती ने बताया कि अनुरोध पत्र लगभग तैयार है. इसे शुक्रवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, नयी दिल्ली को भेजा जायेगा. साथ ही इसकी एक प्रति बीआरओ को भी उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि प्रक्रिया में कोई देरी न हो और कार्य तुरंत शुरू किया जा सके. उन्होंने बताया कि ऐसे बेली ब्रिज से रिस्टोरेशन कार्य कराने का निर्णय हो चुका है. 15 दिन में आवागमन बहाली की उम्मीद बीआरओ की ओर से मिली जानकारी पर अधिकारियों का कहना है कि मटेरियल हेडक्वार्टर राउरकेला में स्थित है. वहां से सामग्री आने में लगभग सात दिन का समय लग सकता है. इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा. इधर, यदि सब कुछ ठीक रहा, तो करीब 15 दिनों के भीतर हल्के वाहनों के लिए आवागमन शुरू हो सकता है. अधिकारियों की ओर से भी संभावना जतायी जा रही है. बॉक्स मैटर हेडक्वार्टर में उच्चस्तरीय बैठक में बेली ब्रिज बनाने का लिया निर्णय विक्रमशिला सेतु में पिलर संख्या 7 और 8 के बीच क्षतिग्रस्त हिस्से पर आवागमन बहाल करने के लिए अब अस्थायी बेली ब्रिज बनाने का फैसला गुरुवार को पथ निर्माण विभाग, पटना में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल ने की. इसमें आइआइटी पटना और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की तकनीकी टीम द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गयी, जिसके बाद प्रभावित स्पैन पर तत्काल अस्थायी पुल निर्माण को मंजूरी दी गयी. तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर निर्णय बैठक में एक्सपर्ट ने सेतु की मौजूदा स्थिति और क्षति के प्रभाव को लेकर विस्तृत जानकारी दी. रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि प्रभावित हिस्से पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी है, ताकि आवागमन को आंशिक रूप से बहाल किया जा सके और यात्रियों को राहत मिल सके. सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार कठिन परिस्थितियों में त्वरित पुल निर्माण के लिए प्रसिद्ध बीआरओ को इस कार्य में शामिल किया गया है. विभाग ने निर्णय लिया है कि जल्द ही बेली ब्रिज निर्माण शुरू किया जायेगा. इसके लिए आवश्यक सामग्री भी शीघ्र मंगायी जायेगी, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो सके.
bhagalpur news. बेली ब्रिज के लिए राउरकेला से आयेगी सामग्री, सात दिनों में शुरू होगा काम
विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद आवागमन को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए विभाग ने तत्काल रिस्टोरेशन की दिशा में बड़ी पहल शुरू कर दी है.
